
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गृह मंत्रालय ने हाथरस की पीड़िता के परिवार को सुरक्षा दी है. पीड़ित परिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की सुरक्षा दी गई है. CRPF की पूरी टीम कल रविवार से हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के बूलगढ़ी गांव में पीड़ित परिवार की सुरक्षा देने के लिए पहुंच जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केंद्र सरकार और CRPF को एक हफ्ते के अंदर हाथरस के पीड़ित परिवार और इस मामले में गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने का निर्देश दिया था. इसके बाद गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई सीआरपीएफ की टीम आज शनिवार को हाथरस पहुंची. CRPF की टीम ने चंदपा कोतवाली जाकर गांव की लोकेशन लेने के बाद सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया है.
CRPF के कमांडेंड मनमोहन सिंह ने हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल के साथ बैठक कर ली है. रविवार से CRPF की पूरी टीम हाथरस पीड़ित परिवार की सुरक्षा में तैनात हो जाएगी.
इससे पहले हाथरस पीड़ित परिवार की सुरक्षा यूपी पुलिस कर रही थी, जिसमें पुलिस ने 3 स्तरीय सुरक्षा पीड़ित परिवार को दे रखी थी.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने जो सुरक्षा दे रखी थी उसमें पीड़ित परिवार के पूरे घर और गांव के रास्ते में 8 CCTV कैमरे, 18 पुलिस घर के पास जिसमें 2 इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर, 8 कांस्टेबल, 2 हेड कांस्टेबल, 4 लेडी कांस्टेबल के साथ ही एक प्लाटून(15 PAC के जवान) के जवान शिफ्ट में पीड़ित परिवार की सुरक्षा में लगे हैं. जानकारी के मुताबिक अभी उत्तर पुलिस ने घर के सभी सदस्यों को 2-2 शैडो भी दे रखा है.
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए समुचित कदम उठाए हैं, लेकिन पीड़ित परिवार और गवाहों के साथ इस मामले से जुड़े लोगों के आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाती है. इसे अन्यथा न लिया जाए.
इस मामले के ट्रायल को उत्तर प्रदेश से बाहर दिल्ली ट्रांसफर करने के सवाल पर कोर्ट ने कहा कि ये उचित होगा कि पहले सीबीआई अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दे. इसके बाद स्थिति का आकलन करने के बाद इसे तय किया जाएगा. साथ ही इस मामले की निगरानी अभी इलाहाबाद हाई कोर्ट ही करेगा.