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निर्भया को इंसाफ दिलाने वाली सीमा लड़ेंगी हाथरस की बेटी का केस, पीड़ित परिवार से मिलने निकलीं

निर्भया का केस लड़ने वाली वकील सीमा संवृद्धि हाथरस के लिए रवाना हो गई हैं. हाथरस की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सीमा ने उसका केस फ्री ऑफ कॉस्ट लड़ने का फैसला किया है.

वकील सीमा संवृद्धि (फाइल फोटो) वकील सीमा संवृद्धि (फाइल फोटो)
पूनम शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 01 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST
  • सीमा संवृद्धि ने निर्भया को दिलाया था इंसाफ
  • अब हाथरस की बेटी का केस लड़ने का फैसला
  • परिवार से मिलने के लिए हाथरस रवाना हुईं सीमा

निर्भया का केस लड़ने वाली वकील सीमा संवृद्धि हाथरस के लिए रवाना हो गई हैं. हाथरस की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सीमा ने उसका केस फ्री ऑफ कॉस्ट लड़ने का फैसला किया है. हाथरस में वो पीड़ित परिवार से मिलने और बात करने जा रही है. सीमा की पीड़ित परिवार से फ़ोन पर बात हुई है.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है. जनहित याचिका में मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या एसआईटी से कराने की मांग की गई है. याचिका में जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड न्यायाधीश से कराने की मांग भी की गई है.

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जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता सत्यम दुबे, अधिवक्ता विशाल ठाकरे और रुद्र प्रताप यादव ने दायर की है. चिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से निष्पक्ष जांच के लिए उचित आदेश पारित करने का आग्रह किया है और साथ ही अपील की है कि या तो इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए या एसआईटी द्वारा इसकी जांच हो.

याचिका में कहा गया है कि जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए. इसके अलावा जनहित याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में मामले की जांच और ट्रायल निष्पक्ष नहीं हो पाएगा, इसलिए इस मामले को दिल्ली स्थानांतरित किया जाना चाहिए.

याचिका में कहा गया है कि पीड़िता के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर बेरहमी से मारपीट की गई और एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उसकी जीभ कटी हुई थी और उसकी गर्दन और पीठ की हड्डियां आरोपियों ने तोड़ दीं, जो उच्च जाति के थे। इसके बाद पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया.

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