
त्रिपुरा पिछले कुछ दिनों से बारिश, लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसे मौसमी कहर से जूझ रहा है. इलाके की जटिलता ने मौसम की गंभीरता को ज्यादा बढ़ा दिया है. 21 अगस्त की रात को भी कई हिस्सों में फिर से बाढ़ आ गई है. त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में 21 अगस्त को 24 घंटों में 233 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले चार दिनों तक खराब मौसम से राहत की संभावना नहीं है. हालांकि, इसके बाद मामूली राहत मिलने की उम्मीद है.
पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश और लैंडस्लाइड के कारण त्रिपुरा में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लापता हो गए. वहीं, राज्य के 450 राहत शिविरों में 65,400 लोगों ने शरण ली है क्योंकि बारिश से उनके घर तबाह हो गए हैं. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने एक पोस्ट में कहा कि शांतिरबाजार के अश्वनी त्रिपुरा पारा और देबीपुर में भूस्खलन के बाद दस लोग मलबे में दब गए है, "मैं पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. यह एक अपूरणीय क्षति है. राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता के रूप में 4 लाख रुपये देने की घोषणा की है."
इससे पहले राजस्व विभाग के सचिव ब्रिजेश पांडे ने कहा था कि पूर्वोत्तर राज्य में भारी बारिश के कारण 12 लोगों की मौत हो गई. अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्य में करीब 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य में 2,032 स्थानों से भूस्खलन की घटना हुई, जिनमें से 1,789 को हटा दिया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर बहाली का काम चल रहा है.
आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार को त्रिपुरा में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है. वहीं, एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि खराब मौसम के कारण राज्यभर के सभी शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार को बंद रहेंगे.