
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी की आईआईटी खड़गपुर में बीते महीने 23 साल के छात्र का शव मिलने के बाद अब उसके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. हाई कोर्ट ने भी इस मामले में आईआईटी खड़गपुर से जवाब मांगा है.
बता दें कि मृतक छात्र की पहचान फैजान अहमद के रूप में हुई थी जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था और असम का रहने वाला था.
अब उसके परिवार ने कहा है कि उनके बेटे की रैगिंग हुई और उसे प्रताड़ित किया गया जिसके बाद उसने खुदकुशी कर ली. बता दें कि छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला था.
परिजनों के मुताबिक संस्था ने छात्र की शिकायत को अनसुना कर दिया था. अब इस मामले में कोलकाता हाई कोर्ट ने रैगिंग की शिकायतों पर उठाए गए कदमों और रैगिंग पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं इस पर आईआईटी के निदेशक से रिपोर्ट मांगी है
कोर्ट ने कहा कि वो ये जानना चाहते हैं कि आईआईटी खड़गपुर के वार्डन और प्रबंधन द्वारा रैगिंग की जानकारी मिलने के बाद इसके खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं.
बता दें कि रैगिंग के मामले में छात्रों को कड़ी चेतावनी जारी की गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप नहीं था. कोलकाता हाई कोर्ट ने आईआईटी खड़गपुर को सुनवाई की अगली तारीख 22 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है.