Advertisement

61 बार देश, 16 बार आजादी और 5 बार तिरंगा...पीएम मोदी ने अपने संबोधन नें कौन सा शब्द कितनी बार बोला? जानिए

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में पीएम मोदी ने 98 मिनट का भाषण दिया, जो सुबह 7:33 बजे शुरू होकर 9:11 बजे तक चला. पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कुछ खास लफ्जों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया. इसमें 61 बार 'देश' बोला तो वहीं, 59 बार 'भारत' शब्द का इस्तेमाल किया.

highlights of PM Modi speech highlights of PM Modi speech
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

78वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने आज, 15 अगस्त 2024 को अपने पूरे कार्यकाल में 11वीं बार लालकिले की प्राचीर से फहराया तिरंगा. इसके साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर अपने सबसे बड़े भाषण का रिकॉर्ड बनाया. पीएम मोदी ने 98 मिनट का भाषण दिया, जो सुबह 7:33 बजे शुरू होकर 9:11 बजे तक चला. पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कुछ खास लफ्जों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया. इसमें 61 बार 'देश' बोला तो वहीं, 59 बार 'भारत' शब्द का इस्तेमाल किया.

Advertisement

कितनी बार बोला कौन-सा लफ्ज?

शब्द संख्या
देश 61
भारत 59
देशवासी 45
युवा 43
विश्व 34
सपना 28
सुधार 23
महिला 20
सरकार 18
किसान 17
विकसित भारत 16
शिक्षा 16
राज्य 16
आजादी 16
रक्षा 16
बैंकिंग 15
140 करोड़ 15
2047 13
भ्रष्टाचार 13
मध्य वर्ग 11
40 करोड़ 11
विदेश 10
उत्पादन 10
पिछड़े 9
बिहार/नालंदा 9
संविधान 8
एसटी 8
बजट 8
नीति 8
स्वर्णिम काल 7
तकनीकी 7
भाषा 7
दलित 6
यूसीसी 6
जिले 6
रोजगार 6
ओलंपिक्स 5
जी-20 5
बिरसा मुंडा 4
युद्ध 4
बांग्लादेश 2
बलात्कार 2
चुनाव 9
परिवारवाद 5
कौशल 14
कर्ज 5
अंतरिक्ष 7
जातिवाद 8
गेमिंग 6
जलवायु परिवर्तन 10
तिरंगा 5
कानून 11
विकृत 7
रिसर्च 6
धर्म/हिंदू 4
निवेशक 9
1 लाख 6
ग्रामीण/पंचायत 8
गरीब 7
प्राकृतिक आपदा 3

पीएम मोदी ने 98 मिनट लंबे अपने भाषण में सेकुलर कोड, रिफॉर्म, महिला अत्याचार, करप्शन और मेडिकल एजुकेशन से लेकर नई शिक्षा नीति का भी जिक्र किया. पीएम मोदी का कहना था कि अब हम चाहते हैं कि आत्मनिर्भर बनें.

Advertisement

दुर्भाग्य से हमारे देश में आजादी के बाद लोगों को एक प्रकार के माई-बाप कल्चर से गुजरना पड़ा. सरकार से मांगते रहो, सरकार के सामने हाथ फैलाते रहो. हमने गवर्नेंस के इस मॉडल को बदला है. आज सरकार खुद लाभार्थियों के पास जाती है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement