
पिछले एक हफ्ते में फ्लाइट में बम रखे होने की 70 से ज्यादा धमकियां मिली हैं. इन झूठी धमकियों (Hoax Call) से विमानन कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. अब इन मामलों पर केंद्रीय मंत्री ने कड़ी रुख अपनाया है.
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि विमानन कंपनियों को हॉक्स कॉल करने को अब संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा. पिछले कुछ समय से कई विमानन कंपनियों को विमान में बम रखे होने की इस तरह की झूठी फोन कॉल की गई है, जिसके बाद यह कदम उठाया जा रहा है.
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसे बेहद संवेदनशील स्थिति बताते हुए कहा कि इस तरह की हॉक्स कॉल करने वालों को विमानन कंपनियों की नो फ्लाई लिस्ट में रखा जाएगा.
नायडू ने कहा कि हमें बार-बार इस तरह की हॉक्स कॉल मिल रही हैं. इस मामले को लेकर हमने कई बैठकें की हैं. हमने हर स्तर पर मीटिंग की है. इन बैठकों के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि हमें नियमों में संशोधन की जरूरत है.
राम मोहन नायडू ने कहा कि हम SUASCA एक्ट में संशोधन करने की तैयारी कर रहे हैं. इसे लेकर हम अन्य मंत्रालयों के साथ भी चर्चा कर रहे हैं. हम इस संज्ञेय अपराध की श्रेणी में लाना चाहते हैं. साथ ही हम यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे. हम फिलहाल स्थिति का आकलन कर रहे हैं क्योंकि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है.
विमानों में बम रखे होने की हॉक्स कॉल के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई. गृह सचिव ने सीआईएसएफ के DG और BCAS के DG से थ्रेट कॉल पर विस्तृत जानकारी ली. इस मीटिंग में BCAS DG और CISF ने अब तक की जांच का ब्योरा दिया. पिछले पांच दिनों में 100 से ज्यादा एयरलाइंस को धमकी मिल चुकी है. सूत्रों के मुताबिक, अधिकतर थ्रेट कॉल्स विदेशों से आ रही हैं.