
India Today Conclave 2023 की शुक्रवार से शुरुआत हो गई है. कॉन्क्लेव के 20वें एडिशन में पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने 2024 में फिर से बीजेपी की सरकार बनने और नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का दावा किया. इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देने के लिए पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के दौरान के वाकये गिनाए.
गृह मंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता बहुत महीन तरीके से सारी चीजें देखती है. नॉर्थ ईस्ट में तीन राज्यों में चुनाव हो गए, पूरी तपस्या के बाद भी तीनों चुनाव हार गए. एक भी जगह पांच का आंकड़ा पार नहीं कर पाए. गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में चल रहे गतिरोध पर कहा कि राहुल गांधी संसद में फ्री स्टाइल में नहीं बोल सकते हैं. नियमों के हिसाब से बोलना पड़ता है. जैसे रोड पर हम लोग बोलते हैं, वैसे पार्लियामेंट में नहीं बोल सकते हैं. ये नियम हमने नहीं बनाये हैं.
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नेहरू और इंदिरा की याद दिलाते हुए अमित शाह ने कहा कि संसद चलाने के लिए नियम बनाए हुए हैं और इसे हमने नहीं बनाया है. राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दादी के पिता जी के समय से ये नियम बने हुए हैं. वो भी इसी नियमों के तहत चर्चा करते थे. हम भी इसी नियम के तहत चर्चा कर रहे हैं. न नियम समझना और न ही कुछ करना और फिर कहते हैं कि बोलने नहीं देते. ऐसा नहीं होता है, कभी भी कोई भी खड़ा होकर नहीं बोल सकता है. इसके नियम बने हुए हैं. जो सालों पुराने हैं. जिसमें कोई परिवर्तन नहीं है.
'इंदिरा गांधी ने इंग्लैंड में कहा था- भारत के खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगी'
राहुल गांधी के ब्रिटेन जाकर बयान देने पर अमित शाह ने कहा कि हमारी प्रतिक्रिया राहुल जी के लिए नहीं है. उनके कंडक्ट के लिए है. मैं दो उदाहरण देना चाहता हूं. एक- इंदिरा गांधी जी इमरजेंसी के बाद इंगलैंड गई थीं और उस वक्त शाह कमीशन बन चुका था. उस पर किसी पत्रकार ने इंगलैंड में किसी ने पूछ लिया कि आपका देश कैसे चल रहा है. इस पर उन्होंने कहा कि हमारे कुछ मुद्दे हैं, लेकिन मैं यहां नहीं बताऊंगी, हमारा देश अच्छा चल रहा है और विदेश में आकर भारत के खिलाफ मैं कुछ नहीं बोलूंगी, यहां मैं इंडियन हूं.
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कुछ मुद्दे राजनीति से ऊपर होते हैं- शाह
शाह ने आगे कहा कि दूसरा उदाहरण है अटल जी का. वह विपक्ष में थे और कश्मीर पर यूएन में चर्चा हुई. सरकार कांग्रेस की थी पहली और अंतिम बार जो हुआ कि भारतीय दल का नेतृत्व किसी मंत्री ने नहीं किया था, विपक्ष के नेता अटल जी ने किया था. क्योंकि ये चर्चा कश्मीर पर थी. ये जो भरोसा होता है, कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं, जो राजनीति से ऊपर होते हैं. मैं मानता हूं सबने इस परंपरा का पालन किया है. भारत में विदेश में जाकर बुराई करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए, किसी देश की संसद में जाकर बुराई करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए, हमारा विरोध इस पर है.