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सियासी संग्राम से सुपरहिट तक का सफर... The Kerala Story को विवाद से कैसे हुआ फायदा

केरल में धर्मांतरण के बाद आतंकी संगठन जॉइन करने वाली महिलाओं की कहानी दिखाने वाली इस फिल्म ने खूब सुर्खियां बटोरी हुई हैं. शुरुआत में एक खास लॉबी ने इस फिल्म को प्रोपेगेंडा कहा. फिल्म के विवादों में घिरने के बाद सोमवार को ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल में इसे बैन कर दिया. आइए विस्तार से समझें इस फिल्म की सफलता के मुख्य कारण...

The Kerala Story पर छिड़ा विवाद  The Kerala Story पर छिड़ा विवाद
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2023,
  • अपडेटेड 11:31 PM IST

'द केरल स्टोरी' फिल्म इन दिनों विवादों के घेरे में है. फिल्म 5 मई को रिलीज हुई और उसके बाद से ही जबर्दस्त कमाई कर रही है. केरल में धर्मांतरण के बाद आतंकी संगठन जॉइन करने वाली महिलाओं की कहानी दिखाने वाली इस फिल्म ने खूब सुर्खियां बटोरी हुई हैं. शुरुआत में एक खास लॉबी ने इस फिल्म को प्रोपेगेंडा कहा. फिल्म के विवादों में घिरने के बाद सोमवार को ममता बनर्जी सरकार ने पश्चिम बंगाल में इसे बैन कर दिया. 

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फिल्म पर बैन लगाने के बाद तीन बड़ी बातें कही हैं.

पहली बात- उन्होंने ये कही है कि इस फिल्म पर बैन लगाने का फैसला कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि राज्य सरकार को ऐसी आशंका थी कि इस फिल्म को दिखाने से वहां हिंसक घटनाएं हो सकती हैं. इसकी वजह से साम्प्रदायिक दंगे भी भड़क सकते हैं.

दूसरा- उन्होंने इस फिल्म की कहानी को मनगढ़ंत बताया है और ये कहा है कि जैसे फिल्म The Kashmir Files के जरिए मुसलमानों के खिलाफ दुष्प्रचार किया गया, ठीक उसी तरह से ये फिल्म भी एक धर्म के खिलाफ नफरत से भरी हुई है. साथ ही ममता बनर्जी ने ये भी कहा है कि अब कुछ लोग बंगाल फाइल्स जैसी फिल्म बनाने की भी योजना बना रहे हैं.

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तीसरा- उन्होंने केरल की CPM सरकार के प्रति नाराजगी जताई है. उन्होंने ये कहा है कि जो काम केरल की लेफ्ट पार्टी की सरकार को करना चाहिए था, वो काम उन्हें करना पड़ रहा है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह की तमाम फिल्मों के पीछे बीजेपी के लोग हैं.

आपको बता दें कि इस फिल्म के खिलाफ केरल हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुई थीं. लेकिन अदालत ने इन याचिकाओं को सही नहीं माना और इस फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया लेकिन ममता बनर्जी इस फिल्म पर बैन लगाने वाली पहली मुख्यमंत्री बन गईं. इस बैन के बाद से ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लग रहे हैं. बताते चलें पश्चिम बंगाल की 9 करोड़ की आबादी में लगभग ढाई करोड़ यानी 27 प्रतिशत आबादी मुसलमानों की है. इसीलिए कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी ने मुस्लिम तुष्टिकरण की वजह से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया.

क्यों विरोध कर रही हैं ममता बनर्जी?

The Kerala Story फिल्म में जिस लव जेहाद को दिखाया गया है, उसके कई मामले पश्चिम बंगाल में भी दर्ज हो चुके हैं और इनमें धर्म परिवर्तन के एक मामले की जांच तो CBI ने इसी साल मार्च के महीने में शुरू की है. कहा यह भी जा रहा है कि शायद यही वजह है कि ममता बनर्जी ने इस फिल्म पर वहां बैन लगा दिया है.

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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस फैसले को गलत बताया है और इस फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल शाह ने भी कहा है कि वो पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे. 

क्या है 'The Kerala Story' की कहानी?

केरल स्टोरी फिल्म केरल में रहने वाली 3 लड़कियों की कहानी है, जो अपना धर्म बदलकर ISIS यानी Islamic State of Iraq and Syria नाम के आतंकवादी संगठन में शामिल हो जाती हैं और इसको लेकर केरल में समुदाय विशेष के कुछ लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. ये लोग सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, केरल के अलावा दूसरे राज्यों में भी इस फिल्म को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

कहीं विरोध, कहीं समर्थन 

पश्चिम बंगाल में इस फिल्म को सरकार ने बैन कर दिया है. दूसरा राज्य है तमिलनाडु, जहां सरकार की तरफ से कोई रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन थिएटर एसोसिएशन ने कुछ लोगों के विरोध और धमकियों से डरकर फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने का फैसला किया है और ये फिल्म नहीं दिखाई जा रही है. जबकि, मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां इस फिल्म को टैक्स फ्री किया गया है. जिसका मतलब ये है कि मध्य प्रदेश सरकार इस फिल्म पर एंटरटेनमेंट टैक्स नहीं लेगी और कोई भी राज्य सरकार जब अपने प्रदेश में किसी फिल्म को टैक्स फ्री करती है, तो उसका मकसद होता है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस फिल्म को देखें. 

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कर्नाटक में PM मोदी ने किया जिक्र

इसके अलावा आगामी 10 मई को कर्नाटक में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए कर्नाटक में भी इस फिल्म को लेकर चर्चा हो रही है. एक बार तो प्रधानमंत्री मोदी खुद सार्वजनिक मंच से इस फिल्म की तारीफ कर चुके हैं. कर्नाटक के बेल्लारी में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस फिल्म का जिक्र किया और कहा कि ये फिल्म एक ऐसे राज्य में आतंकी साजिश का पर्दाफाश करती है, जहां के लोग बहुत मेहनती और प्रतिभाशाली हैं. लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को लेकर भी राजनीति शुरू हो गई है. आज AIMIM यानी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी फिल्म प्रमोटर बन गए हैं.

इसके अलावा सोमवार को बेंगुलरू में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस फिल्म को देखने पहुंचे और फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा कि ये किसी एक राज्य की कहानी नहीं है, Global Story है. इसलिए हर किसी को ये फिल्म अवश्य देखनी चाहिए. यहां गौर करने वाली बात ये है कि दर्शकों को ये फिल्म काफी पसंद आ रही है और Box-Office पर भी इसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. पिछले सिर्फ 3 दिनों में इस फिल्म ने अब तक 35 करोड़ से अधिक कमाई की है.

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इस फिल्म के सुपरहिट होने का क्या मतलब है?

दरअसल इस फिल्म की कहानी भी कश्मीर फाइल्स के जैसी है और कश्मीर फाइल्स के बाद ये दूसरी ऐसी फिल्म है. जिसमें एक विचारधारा के लोगों द्वारा किए अत्याचारों को दिखाया गया है. कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचारों की कहानी थी और इस फिल्म में केरल में हिन्दू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद उन्हें ISIS में शामिल कराने की कहानी है.

कश्मीर फाइल्स से तुलना

रिलीज के समय कश्मीर फाइल्स का भी देश के विपक्षी नेताओं ने कड़ा विरोध किया था और इस फिल्म को भी जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है और पश्चिम बंगाल में तो इस पर बैन भी लगा दिया गया है. इन दोनों ही फिल्मों के खिलाफ अदालतों में याचिकाएं लगाई गई हैं. इसके अलावा दोनों फिल्मों की कहानी, उनकी सत्यता, आंकड़ों और रिसर्च पर सवाल उठाए गए और कहा गया कि इन फिल्मों में जो कुछ दिखाया गया है, हकीकत में वैसा कभी नहीं हुआ. इन दोनों ही फिल्मों को प्रोपेगेंडा फिल्म बताया गया.

सफलता की वजह

इन दोनों फिल्मों को देश के बड़े-बड़े फिल्म आलोचकों ने बहुत बुरी फिल्म करार दिया. किसी ने इन्हें पांच में से आधा स्टार दिया तो किसी ने इन्हें जीरो रेटिंग दी. दोनों ही फिल्मों में कोई बड़ी स्टार कास्ट नहीं है और ना ही कोई बहुत बड़ा बजट है. लेकिन इन फिल्मों की कहानी ऐसी है कि जैसे वर्षों से लोग इनके बारे में जानते तो थे. लेकिन कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे. दोनों ही फिल्मों के पास अपने Promotion का कोई बजट नहीं था. लेकिन इसके बावजूद Word of Mouth की वजह से फिल्में सुपरहिट हुईं. एक और दिलचस्प समानता ये है कि, इन दोनों ही फिल्मों को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषणों में जगह दी और एक तरीके से इनका प्रचार किया. 

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3 दिन में 35 करोड़ की कमाई

एक और समानता ये है कि, तमाम दुष्प्रचार और विरोध के बावजूद इन दोनों फिल्मों ने पहले दिन से ही तहलका मचा दिया. द केरल स्टोरी करीब 1300 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है. भारत में इस फिल्म की कुल कमाई 35.25 करोड़ रुपये हुई है. शुक्रवार को इस फिल्म ने 8.03 करोड़ रुपये कमाए हैं. शनिवार को फिल्म ने 11.22 करोड़ रुपये कमाए हैं. रविवार को कुल 16 करोड़ रुपये की कमाई हुई है.

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