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मेवात में 31 जुलाई को कैसे फैली थी हिंसा, आरोपियों पर अब तक क्या क्या कार्रवाई हुई?

हरियाणा पुलिस ने हिंसा के मामले में नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, रेवाड़ी में 100 से ज्यादा FIR हुई थीं. 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था. सबसे ज्यादा 60 FIR नूंह में हुई थीं. नूंह में 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने को लेकर 11 FIR दर्ज की गई थीं.

नूंह में 31 जुलाई को फैली थी हिंसा नूंह में 31 जुलाई को फैली थी हिंसा
aajtak.in
  • नूंह ,
  • 28 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 6:02 PM IST

हरियाणा के नूंह-मेवात में सोमवार को तनाव की स्थिति बनी हुई है. हिंदू संगठनों ने प्रशासन से इजाजत न मिलने के बावजूद नूंह में बृजमंडल शोभायात्रा निकालने का ऐलान किया है. इसी शोभायात्रा के दौरान 31 जुलाई को पथराव के बाद हिंसा फैल गई थी. हिंसा के बाद से प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. नूंह में 31 जुलाई को फैली हिंसा को लेकर पुलिस ने 60 FIR दर्ज की हैं, जबकि 260 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

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31 जुलाई को कैसे फैली थी हिंसा?

दरअसल, नूंह में हिंदू संगठनों ने हर साल की तरह 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकालने का ऐलान किया था. इस यात्रा में बजरंग दल के कई कार्यकर्ता पहुंचे थे. मोनू मानेसर ने पहले ही वीडियो शेयर कर यात्रा में अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील की थी. इतना ही नहीं मोनू मानेसर ने कहा था कि वह खुद भी इस रैली में शामिल होगा. हालांकि, मोनू मानेसर इस यात्रा में नहीं आया, लेकिन बिट्टू बजरंगी नाम के कथित गोरक्षक के शामिल होने पर तनाव बढ़ा. 



 

इस दौरान शोभायात्रा पर पथराव किया गया. देखते ही देखते यह दो समुदायों में हिंसा में बदल गई. सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई थी. साइबर थाने पर भी हमला किया गया. उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था. नूंह के बाद सोहना में भी पथराव और फायरिंग हुई. वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद हिंसा की आग नूंह से फरीदाबाद-गुरुग्राम तक फैल गई. नूंह हिंसा में दो होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी. 

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260 से ज्यादा गिरफ्तारी, बुलडोजर एक्शन भी हुआ

हरियाणा पुलिस ने हिंसा के मामले में नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, रेवाड़ी में 100 से ज्यादा FIR हुई थीं. 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था. सबसे ज्यादा 60 FIR नूंह में हुई थीं. नूंह में 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने को लेकर 11 FIR दर्ज की गई थीं. पुलिस के रडार पर हिंसा से जुड़े 2300 वीडियो थे. इन्हीं से आरोपियों की पहचान की गई थी. इतना ही नहीं पुलिस ने पंचायतों के साथ बैठक कर आरोपियों को सरेंडर कराने के लिए भी कहा था. इसके बाद कई गांव में पंचायतों ने हिंसा और पथराव के आरोपियों का सरेंडर भी कराया था. 

नूंह में पुलिस ने बुलडोजर एक्शन भी चलाया था. नूंह में होटल, रेस्टोरेंट को पुलिस ने ढहा दिया था. इनका इस्तेमाल उपद्रवियों ने पथराव के लिए किया था. नूंह में 37 जगहों पर 57.5 एकड़ जमीन से अवैध निर्माण हटाए थे. नूंह में 162 स्थाई और 591 अस्थाई निर्माण भी गिराए गए थे. इतना ही नहीं नूंह के पुन्हाना, पिंगनवा, नगीना, टौरू और फिरोजपुर झिरका में प्रशासन की अलग-अलग टीमों ने अतिक्रमण हटाया था. इसके अलावा नूंह में अवैध रोहिंग्याओं के अतिक्रमण पर भी बुलडोजर चलाया गया था. हालांकि, बाद में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी थी. 

 

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