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हाथ में बंदूक, पीछे बाउंसर और किसानों को धमकी... IAS पूजा खेडकर की मां का वीडियो वायरल

यह वीडियो 2023 का है, जिसमें पूजा खेडकर की मां मनोरम खेडकर हाथ में बंदूक लिए कुछ लोगों को धमकाते नजर आ रही हैं. पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर ने सरकारी नौकरी के दौरान करोड़ों रुपयों की संपत्ति जुटाई है. उन्होंने कई जगहों पर जमीनें खरीदी. खेडकर परिवार ने पुणे जिले के मुल्शी तहसील में 25 एकड़ की जमीन खरीदी थी. इसके लिए उन्होंने आसपास के किसानों की जमीनों पर कब्जा करने की भी कोशिश की थी.

पूजा खेडकर (दाएं) और उनकी मां मनोरमा खेडकर (बाएं) पूजा खेडकर (दाएं) और उनकी मां मनोरमा खेडकर (बाएं)
ओमकार
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  • 12 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर (Pooja Khedkar) लगातार विवादों में बनी हुई हैं. उन पर ओबीसी आरक्षण कोटे का दुरुपयोग कर आईएएस की नौकरी हासिल करने से लेकर कई तरह के आरोप लग रहे हैं. ऐसे में अब पूजा की मां एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह बंदूक लेकर कुछ लोगों को धमकाते नजर आ रही हैं.

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यह वीडियो 2023 का है, जिसमें पूजा खेडकर की मां मनोरम खेडकर हाथ में बंदूक लिए कुछ लोगों को धमका रही हैं. दरअसल ये मामला किसानों की जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि वह जमीन पर कब्जे को लेकर किसान को धमका रही है.

क्या है मामला?

पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने सरकारी नौकरी के दौरान करोड़ों रुपयों की संपत्ति जुटाई थी. इसके बाद उन्होंने लगातार कई जगहों पर जमीनें खरीदी. कहा जा रहा है कि खेडकर परिवार ने पुणे जिले के मुल्शी तहसील में 25 एकड़ की जमीन खरीदी थी. इसके लिए उन्होंने आसपास के किसानों की जमीनों पर कब्जा करने की भी कोशिश की थी. ये वीडियो उसी समय का है.

लेकिन जब किसानों ने इसका विरोध किया तो खेडकर की मां मनोरमा खेडकर बाउंसर के साथ मौके पर पहुंची और उन्होंने किसानों को धमकाया. इस दौरान उनके हाथ में बंदूक थी, जिससे वो किसानों को धमका रही थी.

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हालांकि, जब किसानों ने उनके खिलाफ पुणे के एक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो दबाव की वजह से उनकी शिकायत दर्ज नहीं हो सकी थी. 

मां का मीडिया को धमकाते वीडियो भी हुआ था वायरल

महाराष्ट्र केडर की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां का एक और वीडियो कुछ दिन पहले वायरल हुए था. उन्होंने घर के बाहर खड़े होकर वीडियो बनाने वाले मीडियाकर्मियों पर हमला कर दिया था. पूजा खेडकर की मां ने कहा था कि अगर मेरी बेटी ने सुसाइड कर लिया तो मैं आप सबको अंदर डाल दूंगी. उन्होंने मीडियाकर्मियों को धमकी भी दी थी और कैमरे पर हाथ भी मारा था.

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, पूजा खेडकर के पैरेंट्स के पास 110 एकड़ कृषि भूमि है, जो कृषि भूमि सीमा अधिनियम का उल्लंघन करती है. इसके अलावा छह दुकानें, सात फ्लैट (एक हीरानंदानी में), 900 ग्राम सोना, हीरे, 17 लाख की सोने की घड़ी, चार कार हैं. इसके साथ ही दो प्राइवेट कंपनियों और एक ऑटोमोबाइल फर्म में हिस्सेदारी है. इतना ही नहीं खुद IAS पूजा खेडकर के पास 17 करोड़ रुपये की संपत्ति है.  

इतना ही नहीं ये भी सामने आया है कि पूजा खेडकर ने यूपीएससी को सौंपे हलफनामे में खुद के दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से बीमार होने का दावा किया था. खेडकर ने इस दिव्यांगता सर्टिफिकेट का उपयोग UPSC में सिलेक्शन के लिए विशेष रियायतें हासिल करने के लिए किया था. सिविल सेवा परीक्षा में कम नंबर हासिल करने के बाद भी रियायतों की वजह से पूजा खेडकर ने परीक्षा पास कर ली. 

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पुणे से वाशिम जिले में हो चुका है ट्रांसफर 

IAS पूजा खेडकर का पुणे से वाशिम जिले में ट्रांसफर कर दिया गया है. महाराष्ट्र सरकार ने सत्ता के दुरुपयोग की शिकायतों के कारण खेडकर का ट्रांसफर किया है. पुणे कलेक्टर डॉ. सुहास दिवासे ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूजा खेडकर की शिकायत की थी. अब उन्हें वाशिम जिले की एडिशनल असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में नियुक्ति मिली है. 

ऑडी कार पर लाल बत्ती लगाने वाली IAS का ट्रांसफर, VIP डिमांड से चर्चा में आई थीं पुणे की पूजा 

प्रोबेशन के दौरान IAS पूजा ने क्या मांगें रखी थीं? 

पुणे में अपने प्रोबेशन के दौरान पूजा खेडकर ने कई विशेषाधिकारों की मांग की थी, जो प्रोबेशनरी अधिकारियों को नहीं मिलते. इस दौरान पूजा खेडकर ने लाल-नीली बत्ती और VIP नंबर प्लेट वाली अपनी निजी ऑडी कार का इस्तेमाल किया, अपनी गाड़ी पर 'महाराष्ट्र सरकार' का बोर्ड लगाया और एक आधिकारिक कार, आवास, एक ऑफिस रूम और अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की. यहां तक ​​कि उन्होंने एडिशनल कलेक्टर की अनुपस्थिति में उनके चेंबर पर कब्जा कर लिया. डॉ. खेडकर के पिता रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी हैं, उन्होंने कथित तौर पर जिला कलेक्टर के कार्यालय पर पूजा की मांगों को पूरा करने के लिए दबाव डाला. इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी भी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो इसके लिए परिणाम भुगतने होंगे. 

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