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लगातार हो रहे हार्ट अटैक का कोरोना से क्या कनेक्शन है? ICMR करा रहा स्टडी

मनसुख मांडविया ने माना है कि कोरोना के बाद दिल के दौरे की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है.  मांडविया ने बताया कि ICMR दिल का दौर पड़ने से होने वाली मौत और कोविड के बीच संबंध का आकलन करने के लिए स्टडी कर रहा है. इसके नतीजे 2 महीने में सामने आएंगे. 

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST

पिछले कुछ महीनों से हार्ट अटैक के चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं. कोई शादी के मंडप में दिल का दौरा पड़ने से मर जा रहा है, तो किसी की मौत क्रिकेट खेलते खेलते हो जा रही है. कोरोना महामारी के बाद से सोशल मीडिया पर भी ऐसी घटनाओं के वीडियो खूब देखने को मिल रहे हैं. इन घटनाओं को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि कहीं दिल का दौरा पड़ने से मौत का संबंध कोरोना से तो नहीं? यही जानने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ICMR स्टडी कर रहा है. यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दी. 

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समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को बताया कि ICMR दिल का दौर पड़ने से होने वाली मौत और कोविड के बीच संबंध का आकलन करने के लिए स्टडी कर रहा है. इसके नतीजे 2 महीने में सामने आएंगे. 

मनसुख मांडविया एक चैनल के समिट में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने माना कि कोरोना के बाद दिल के दौरे की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा की गई है और ICMR इस मामले में स्टडी कर रहा है. 

मांडविया ने कहा, वैक्सीनेशन के आंकड़े हमारे पास हैं. उन्होंने बताया कि ICMR पिछले 3-4 महीने से स्टडी कर रहा है. 6 महीने में रिपोर्ट आनी थी. अब अगले दो महीने में इस स्टडी की रिपोर्ट आने की उम्मीद है.  

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उन्होंने यह भी कहा कि दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतों के आंकड़ों की समीक्षा AIIMS दिल्ली द्वारा भी की जा रही है. मांडविया ने कहा कि कोरोना वैक्सीन निर्माण को न केवल भारत की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बल्कि निर्यात के लिए भी बढ़ाया गया था.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, शुरुआत में कहा गया था कि भारत को विनाशकारी प्रभाव का सामना करना पड़ेगा. लेकिन आज वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ वैक्सीन अभियान और कोरोना प्रबंधन के लिए भारत की तारीफ की जा रही है. यहां तक कि बिल गेट्स ने भी भारत की तारीफ की है. 

नौजवानों में दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ीं 

इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, बीते सालों में 50 वर्ष से कम उम्र के 50 फ़ीसदी और 40 साल से कम उम्र के 25 फ़ीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है. मतलब, नौजवानों में दिल के दौरे की घटनाएं बढ़ रही हैं और महिलाओं के मुकाबले पुरुष दिल की बीमारी से ज्यादा ग्रसित हो रहे हैं. दिल की बीमारियों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, तनाव, मोटापा और अनियमित जीवन शैली बड़ा कारण नजर आती हैं.
 
कई जानकारों का मानना है कि कोविड संक्रमण के बाद शरीर में खून का थक्का जमने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, और इसे लेकर अध्ययन भी जारी हैं कि कहीं दिल की इन बढ़ती बीमारियों के पीछे कोई कोरोना कनेक्शन तो नहीं है.

 

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