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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर एक और एक्शन, IMA ने किया सस्पेंड

आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर शिकंजा कसता जा रहा है. उनसे पिछले 10 दिनों में सीबीआई 100 घंटे से ज्यादा की पूछताछ की जा चुकी है. पिछले हफ्ते शनिवार को सीबीआई ने उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं का एक मामला दर्ज कर लिया. सीबीआई ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी से जांच अपने हाथ में ले ली. 

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष
मिलन शर्मा/स्नेहा मोरदानी
  • नई दिल्ली,
  • 28 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. जहां सीबीआई के बाद अब ईडी भी उनके खिलाफ जांच करेगी तो वहीं अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ संदीप घोष की सदस्यता निलंबित कर दी है. IMA की अनुशासन समिति ने ये कार्रवाई की है. 

संदीप घोष को लिखे पत्र में IMA ने कहा, "राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर.वी. अशोकन द्वारा विधिवत गठित अनुशासन समिति ने आज स्वतः संज्ञान लेते हुए आरजी कर मेडिकल कॉलेज कोलकाता में एक स्नातकोत्तर रेजिडेंट के साथ बलात्कार और हत्या तथा उसके बाद के घटनाक्रम पर विचार किया. राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हस्ताक्षरकर्ता ने पीड़िता के माता-पिता से उनके घर जाकर मुलाकात भी की. उन्होंने आपके द्वारा स्थिति से निपटने में अपनी शिकायतें रखीं तथा आपके द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार में उचित तरीके से मामले को संभालने में सहानुभूति और संवेदनशीलता की कमी के बारे में बताया." 

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आगे कहा गया, "आईएमए बंगाल राज्य शाखा के साथ-साथ डॉक्टरों के कुछ संगठनों ने भी आपके द्वारा पूरे पेशे को बदनाम करने की प्रकृति का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की है. आईएमए मुख्यालय की अनुशासन समिति ने सर्वसम्मति से आपको भारतीय चिकित्सा संघ की सदस्यता से तत्काल निलंबित करने का निर्णय लिया है."

पूछताछ कर चुकी है CBI

बता दें कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर शिकंजा कसता जा रहा है. उनसे पिछले 10 दिनों में सीबीआई 100 घंटे से ज्यादा की पूछताछ की जा चुकी है. पिछले हफ्ते शनिवार को सीबीआई ने उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं का एक मामला दर्ज कर लिया. सीबीआई ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी से जांच अपने हाथ में ले ली. वहीं सीबीआई घोष का दो बार पॉलीग्राफ टेस्ट करा चुकी है. 

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आरजी कर हॉस्पिटल में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सीबीआई की टीम अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के घर जाकर पूछताछ कर चुकी है. इसके अलावा, चार और ठिकानों पर भी सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच छापेमारी कर चुकी है. इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी के डेमोस्ट्रेटर डॉ. देबाशीष सोम का घर भी शामिल था. अब इस मामले की जांच ईडी भी करेगी.

तीन टीमों ने दी थी आवास पर दबिश

हाल ही में सीबीआई की एक टीम डॉ. संदीप घोष के आवास पर पहुंची थी तो, दूसरी टीम आरजी कर में फोरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. देबाशीष सोम के आवास पर और तीसरी टीम आरजी कर अस्पताल के पूर्व एमएसवीपी संजय वशिष्ठ के आवास पर पहुंची थी. सीबीआई की एंटी-करप्शन ब्रांच ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रशासनिक ब्लॉक में पहुंचकर छानबीन की थी.

क्या है आरजी कर मेडिकल कॉलेज का मामला

9 अगस्त को तड़के कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ दुष्कर्म कर उनकी हत्या कर दी गई थी. इस घटना को अंजाम देने के बाद शराबी आरोपी संजय रॉय उसी बिल्डिंग में सो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है. 

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घटना के बाद, संजय रॉय की गिरफ्तारी और उससे हुई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं. वारदात के बाद संजय रॉय ने जो किया, उसने पुलिस को कई सवालों में उलझा दिया है, पूछताछ के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद संजय रॉय सीधे फोर्थ बटालियन गया और वहां जाकर सो गया. 10 अगस्त की सुबह जब वह उठा, तो उसने फिर से शराब पी और वापस सो गया. पुलिस को शक होने पर उन्होंने अस्पताल के सेमिनार हॉल के आसपास के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इन फुटेज में संजय रॉय की गतिविधियों के साथ-साथ अन्य लोगों की भी पहचान की गई.

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