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चेन्नई में भारी बारिश की चेतावनी! इन जिलों में कल भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, प्रशासन अलर्ट

चेन्नई में इन दिनों भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है. मूसलाधार बारिश को देखते हुए तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने तीन जिलों में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है. वहीं, मौसम विभाग ने 14 से 17 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 3:14 PM IST

चेन्नई में भारी बारिश का सिलसिला जारी है. कई इलाकों में जलभराव है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो 14 से 17 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों में 40 सेमी वर्षा के साथ बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. साथ ही चेन्नई में एक दिन में 20 सेमी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे गंभीर जलभराव हो सकता है. 

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भारी बारिश के चलते बंद हुए स्कूल

चेन्नई में भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के बाद चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और चेंगलपेट में स्कूलों और कॉलेजों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है. बता दें कि सीएम एमके स्टालिन ने मंगलवार के लिए भी तीन जिलों में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है और आईटी कंपनियों को 15 से 18 अक्टूबर तक 'घर से काम' करने की अनुमति देने की सलाह दी है. 

चेन्नई में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, चेन्नई में 17 अक्टूबर तक भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं,  18 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता में कमी देखने को मिल सकती है. IMD के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते चेन्नई का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

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मौसम विभाग की मानें तो उत्तरी तमिलनाडु तट के पास विकसित हो रहे कम दबाव वाले सिस्टम से प्रेरित मौसम पैटर्न से संकेत मिलता है कि यह बारिश 17 अक्टूबर तक जारी रह सकती है, जिससे रुक-रुककर बारिश और भारी बारिश दोनों हो सकती हैं.



राहत कार्य के लिए किए गए ये इंतजाम

वहीं, चेन्नई में 990 पंप, पंपसेट सहित 57 ट्रैक्टर, 36 मशीनीकृत नाव, 46 टन ब्लीचिंग पाउडर और राहत कार्य के लिए आवश्यक सामान तैयार रखा गया है. इसके अलावा शहर में 169 राहत केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहां रसोईघर, 59 जेसीबी, 272 चेन आरी, 176 जल निकासी उपकरण, 130 जनरेटर और 115 लॉरियां तैयार रखी गई हैं. 

वहीं, मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैयार रखने और उन्हें पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में भेजने, निचले इलाकों में नाव रखने, निगरानी अधिकारियों को तत्काल निर्धारित जिलों में पहुंचाने, जनता के लाभ के लिए मेट्रो और फ्लाइंग ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि ना होने देने और दूध व अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.  

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