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ओडिशा: धर्मांतरण के शक में 3 लोगों को भीड़ ने पेड़ से बांधकर पीटा, मामले की जांच शुरू

पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार को गोबरधनपुर गांव में हुई और घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. रेमुना पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी सुभाष चंद्र मलिक ने कहा, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर गई और दो महिलाओं और एक पुरुष को बचाया.

ओडिशा में तीन लोगों को बांधकर पीटा. (सांकेतिक तस्वीर) ओडिशा में तीन लोगों को बांधकर पीटा. (सांकेतिक तस्वीर)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:01 AM IST

ओडिशा के बालासोर में जिन तीन युवकों को भीड़ ने पेड़ से बांधकर पीटा था, उस मामले में अब एक नई थ्योरी सामने आई है. पुलिस ने शनिवार को कहा कि तीनों पर आरोप है कि वो आदिवासी परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे. जिसके बाद भीड़ ने उन्हें बांधकर पीटा. बता दें कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.

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पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार को गोबरधनपुर गांव में हुई और घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. रेमुना पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी सुभाष चंद्र मलिक ने कहा, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर गई और दो महिलाओं और एक पुरुष को बचाया.

उन्होंने कहा, "प्रारंभिक जांच के बाद, दो समूहों के लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए और जांच चल रही है." उन्होंने कहा, "गांव में शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की स्थिति में किसी भी तरह के उल्लंघन को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं."

यह भी पढ़ें: ओडिशा में ₹23 लाख की ऑनलाइन ठगी, जयपुर और जोधपुर से दो गिरफ्तार

पहले भी हुए हैं ऐसे मामले

हाल ही में ओडिशा के बालासोर जिले से हत्या का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था. जहां सारथा गांव में चोरी के शक में चार युवकों को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया था. इस घटना में 32 वर्षीय त्रिलोचन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य 35 वर्षीय सतीश सिंह, 31 वर्षीय तपुआ महंती और 19 वर्षीय तपन प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की थी.

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पुलिस के अनुसार, सारथा गांव में अजय दास नाम का व्यक्ति की कपड़े की दुकान से बीती रात नकदी और कपड़े चोरी हो गए थे. चोरी के लिए त्रिलोचन और उसके साथियों पर शक जताते हुए अजय ने उनके परिवार और कुछ अन्य ग्रामीणों ने चारों युवकों को ओडिशला चौक पर बिजली के खंभे से बांध दिया. इसके बाद लोहे की रॉड और डंडों से उनकी पिटाई कर दी.

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