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इजरायल-हिज्बुल्लाह जंग के बीच 600 भारतीय सैनिकों पर मंडरा रहा खतरा, UN दफ्तर पर हमले से भारत चिंतित

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हम ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र परिसर का सभी को सम्मान करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए.'

भारत ने की संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर इजरायली हमलों की निंदा भारत ने की संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर इजरायली हमलों की निंदा
शिवानी शर्मा
  • बेरूत,
  • 11 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत ने दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है. इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है. बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी इजरायली गोलाबारी का शिकार हो गए थे.

600 भारतीय सैनिक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का हिस्सा हैं और इजराइल-लेबनान सीमा पर 120 किलोमीटर लंबी ब्लू लाइन पर तैनात हैं. क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव और हमलों के बीच भारत इन सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है.

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'ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित'

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हम ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र परिसर का सभी को सम्मान करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए.'

अस्पताल में भर्ती UN शांति सैनिक

विदेश मंत्रालय की ओर से यह बयान संयुक्त राष्ट्र के यह कहने के एक दिन बाद आया है कि 'लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के नकौरा मुख्यालय और आसपास के स्थानों पर इजरायली बलों द्वारा बार-बार हमला किया गया. आज सुबह, दो शांति सैनिक घायल हो गए.' संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 'गनीमत रही, इस बार चोटें गंभीर नहीं हैं, लेकिन वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं.'

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सैनिकों की वापसी पर अकेले फैसला नहीं ले सकती भारतीय सेना

भारतीय सैनिक UNIFIL का हिस्सा हैं. इसमें असम रेजिमेंट के सैनिक, इंजीनियर, एएमसी और अन्य सैनिक शामिल हैं. क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कई हफ्ते पहले से ही भारतीय सेना स्थिति पर करीब से नजर रख रही है. सूत्रों ने आजतक को बताया कि भारतीय सेना अपने सैनिकों की वापसी पर एकतरफा फैसला नहीं कर सकती है जो संयुक्त राष्ट्र शांति सेना का हिस्सा हैं, लेकिन सेना अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ निकट संपर्क में है. 

बता दें कि इजरायल और लेबनान के बीच 120 किमी लंबी सीमा है, जिसे 'ब्लू लाइन' भी कहा जाता है. आईडीएफ द्वारा लेबनान में जमीनी अभियान शुरू करने के बाद से लगातार तनाव बढ़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने पहले सैनिकों को सीमित आवाजाही के साथ बंकरों के अंदर रहने की सलाह जारी दी थी. मिशन का हिस्सा रहे भारतीय सैनिक चुनौतीपूर्ण स्थिति के बीच भी इस क्षेत्र में तैनात हैं.

UN सैनिकों पर हुए हमले

बता दें कि मध्य पूर्व में इजरायल और लेबनान के हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. इस तनावपूर्ण माहौल में, दक्षिणी लेबनान की सीमा पर शांति बहाल करने के लिए तैनात संयुक्त राष्ट्र की UNIFIL (United Nations Interim Force in Lebanon) की टुकड़ी पर भी हमले हो रहे हैं. हाल ही में इस हमले में दो शांति सैनिक घायल हुए हैं.

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एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप

इजरायल का दावा है कि हिज्बुल्लाह जानबूझकर UNIFIL को निशाना बना रहा है, जबकि UNIFIL का कहना है कि इजरायल अपने हवाई हमलों के जरिए संयुक्त राष्ट्र की शांति सैनिक टुकड़ी के बेस के पास हमले कर रहा है, ताकि वह उसे मानवीय ढाल (Human Shield) के रूप में इस्तेमाल कर सके.

दक्षिणी बेरूत में भी हो रहे हमले

अब हालात और खतरनाक हो गए हैं, क्योंकि इजरायली हवाई हमले दक्षिण लेबनान से राजधानी बेरूत तक पहुंच गए हैं. दक्षिणी बेरूत पर जारी हमले अब बेरूत शहर के केंद्र में भी हो रहे हैं. बेरूत में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है, जहां हाल ही में दो स्थानों पर इजरायली हवाई हमले हुए. इन हमलों में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

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