
सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच पिछले 6 दिन से जंग जारी है. इसमें अब तक 200 लोगों की जान जा चुकी है. सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के बीच चार हजार भारतीय भी फंस गए हैं. हालत ये है कि भारतीयों के पास खाने-पीने का सामान भी नहीं बचा है. ऐसे में भारत का फोकस सूडान में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है. ऐसे में भारत इस मामले में अमेरिका, यूके, सऊदी अरब समेत कई देशों के साथ संपर्क में है.
सरकार के सूत्रों ने बताया कि सूडान में स्थिति बहुत चिंताजनक है. ऐसे में इस स्थिति लोगों को निकालना बहुत खतरनाक है. सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूडान की स्थिति पर सऊदी अरब और यूएई में अपने समकक्षों से बात की. इन देशों की ओर से भारतीयों की सुरक्षा के लिए आश्वासन दिया गया.
इन देशों के संपर्क में भारत
सूत्रों के मुताबिक, भारत की प्राथमिकता चाहें जहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा है. विदेश मंत्रालय खार्तूम में भारतीय दूतावास दोनों ही स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं. सूडान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत विभिन्न देशों के साथ संपर्क में है. अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और यूएई की सूडान में अहम भूमिका है. इतना ही नहीं भारत संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम कर रहा है, जिसकी सूडान में अच्छी खासी मौजूदगी है.
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सूत्रों ने बताया कि वाशिंगटन में भारतीय राजदूत और लंदन में उच्चायुक्त सूडान की स्थिति पर अपनी-अपनी सरकारों के संपर्क में हैं. विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में सूडान की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर सूचना और सहायता प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है.
भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी की जारी
सूडान में भारतीय दूतावास ने सोमवार को एडवाइजरी जारी कर भारतीयों से अपने घरों से बाहर नहीं निकलने और शांत रहने की अपील की है. दूतावास ने बताया कि खार्तूम में गोली लगने से एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई.
भारतीयों को निकालना क्यों हो रहा मुश्किल?
- सूडान में 4 हजार के आसपास भारतीय हैं. जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर भारतीय चार शहरों में बसे हुए हैं. इनमें से एक है ओमडुरमैन (Omdurman), दूसरा है कसाला (Kassala), तीसरा है गेडारेफ (Gedaref) या अल कादरीफ (Al Qadarif) वहीं चौथे शहर का नाम है वाड मदनी (Wad Madani).
- इनमें से दो शहरों की दूरी राजधानी खार्तूम से 400 किलोमीटर से भी ज्यादा है तो वहीं एक शहर की करीब 200 किलोमीटर है. एक शहर तो राजधानी से सटा हुआ है और उसकी खार्तूम से दूरी मात्र 25 किलोमीटर है. सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इन चारों शहरों में से किसी में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है.
- सूडान में दो ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं. एक राजधानी खार्तूम में तो दूसरा पोर्ट सूडान में है. हालांकि, एयरस्ट्राइक के बीच यहां से लोगों को एयरलिफ्ट करना भी बेहद मुश्किल है. यह तभी संभव है, जब सीजफायर हो जाए.
सूडान में क्यों जारी है जंग?
- अफ्रीकी देश सूडान में संघर्ष सेना के कमांडर जनरल अब्देल-फतह बुरहान और पैरामिलिट्री फोर्स के प्रमुख जनरल मोहम्मद हमदान डगालो के बीच हो रहा है. जनरल बुरहान और जनरल डगालो, दोनों पहले साथ ही थे.
- मौजूदा संघर्ष की जड़ें अप्रैल 2019 से जुड़ी हैं. उस समय सूडान के तत्कालीन राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के खिलाफ जनता ने विद्रोह कर दिया था. बाद में सेना ने अल-बशीर की सत्ता को उखाड़ फेंका. बशीर को सत्ता से बेदखल करने के बावजूद विद्रोह थमा नहीं. बाद में सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच एक समझौता हुआ. समझौते के तहत एक सोवरेनिटी काउंसिल बनी और तय हुआ कि 2023 के आखिर तक चुनाव करवाए जाएंगे. उसी साल अबदल्ला हमडोक को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया. लेकिन इससे भी बात नहीं बनी.
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- अक्टूबर 2021 में सेना ने तख्तापलट कर दिया. जनरल बुरहान काउंसिल के अध्यक्ष तो जनरल डगालो उपाध्यक्ष बन गए. लेकिन अब दोनों एक-दूसरे के खिलाफ हो गए हैं. इसकी वजह दोनों के बीच मनमुटाव होना है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दोनों के बीच सूडान में चुनाव कराने को लेकर एकराय नहीं बन सकी.
- इसके अलावा ये भी कहा जा रहा है कि सेना ने प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत आरएसएफ के 10 हजार जवानों को सेना में ही शामिल करने की बात थी. लेकिन फिर सवाल उठा कि सेना में पैरामिलिट्री फोर्स को मिलाने के बाद जो नई फोर्स बनेगी, उसका प्रमुख कौन बनेगा. बताया जा रहा है कि बीते कुछ हफ्तों से देशभर के अलग-अलग हिस्सों में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती बढ़ गई थी, जिसे सेना ने उकसावे और खतरे के तौर पर देखा.