
भारत के ड्रग रेगुलेटर ने देश में बनी मलेरिया की वैक्सीन के निर्यात को मंजूरी दे दी है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने वैक्सीन की दो लाख डोज के ब्रिटेन में निर्यात को मंजूरी दी है. इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया और सीरम इंस्टीट्यूट ने मैन्युफैक्चर किया था.
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह के डीसीजीआई को लिखे गए पत्र के बाद यह कदम उठाया गया है. यह पत्र 27 सितंबर को लिखा गया था, जिसमें मलेरिया की वैक्सीन को देश से बाहर निर्यात करने की मंजूरी मांगी गई थी.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने 27 सितंबर को डीसीजीआई को मलेरिया के खिलाफ टीका निर्यात करने की अनुमति के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।
इस पत्र में कहा गया, एसआईआई ने कंपनी के सीईओ आदर पूनावाला की अगुवाई में मलेरिया की वैक्सीन तैयार की है. हम मलेरिया की इस भारत में बनी विश्वस्तरीय वैक्सीन को देशभर में उपलब्ध कराने के अथक प्रयास कर रहे हैं.
मौजूदा समय में मलेरिया की सिर्फ एक वैक्सीन की वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है और जीएसके उसका मैन्युफैक्चर कर रही है. मलेरिया वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टीट्यूट में डिजाइन किया गया था, जिसने बड़े पैमाने पर आपूर्ति के लिए वैक्सीन की मैन्युफैक्चरिंग के लिए 2020 में एसआईआई के साथ सहयोग किया था.
इस वैक्सीन का ट्रायल बुर्किना फासो के नैनोरो में 409 बच्चों पर किया गया था, जिसके नतीजों से पता चला कि मलेरिया से 80 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है.