
भारत और चीन के बीच बुधवार को 23वें स्पेशल रेप्रेजेन्टेटिव्स (एसआर) डायलॉग का आयोजन हुआ. इस बातचीत में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल और चीन के फॉरेन मिनिस्टर वांग यी ने सीमा विवाद पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति बनाए रखने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई.
MEA (मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स) ने बताया कि बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने, सीमा व्यापार बढ़ाने और नदियों के डेटा साझा करने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई.
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यह डायलॉग लगभग 5 साल के बाद हुआ. पिछला एसआर डायलॉग दिसंबर 2019 में हुआ था. यह बातचीत PM नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अक्टूबर में कजान में हुई मुलाकात के बाद तय की गई थी.
MEA ने कहा, 'दोनों पक्षों ने सीमा विवाद को न्यायसंगत, तार्किक और आपसी सहमति से सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने बॉर्डर मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और शांति बनाए रखने के लिए कई कदमों पर चर्चा की.'
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चीन के बयान में कहा गया कि बातचीत में छह बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसमें सीमा पर शांति बनाए रखना और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और स्वस्थ बनाए रखना शामिल है.
डोभाल और वांग ने अक्टूबर में हुए डिसएंगेजमेंट एग्रीमेंट के इम्प्लिमेंटेशन को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया. दोनों पक्षों ने 2005 में तय की गई पॉलिटिकल गाइडलाइन्स के तहत सीमा विवाद के समाधान की प्रतिबद्धता जताई.
बातचीत में यह भी तय हुआ कि इंडिया अगले साल इस डायलॉग का आयोजन करेगा. डोभाल ने वांग को भारत आने का निमंत्रण दिया.
लद्दाख के डेमचोक और देपसांग में सीमा विवाद खत्म होने के बाद अब दोनों देशों की सेनाएं यहां पेट्रोल और अन्य गतिविधियां फिर से शुरू कर चुकी हैं.