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भारत-श्रीलंका शिखर वार्ता: कुशीनगर से उड़ान शुरू होने पर श्रीलंकाई बौद्ध श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा

विदेश मंत्रालय के हिंद महासागर क्षेत्र प्रभाग (एमईए) के संयुक्त सचिव अमित नारंग ने यह भी बताया कि भारत-श्रीलंका वर्चुअल समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म के रिश्ते को मजबूत करने के लिए 15 मिलियन यूएस डॉलर की सहायता की घोषणा की.

श्रीलंकाई बौद्ध तीर्थयात्रियों को कुशीनगर आने की सुविधा मिलेगी (सांकेतिक-पीटीआई) श्रीलंकाई बौद्ध तीर्थयात्रियों को कुशीनगर आने की सुविधा मिलेगी (सांकेतिक-पीटीआई)
गीता मोहन
  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 4:49 PM IST
  • भारत-श्रीलंका के शीर्ष नेताओं के बीच हुई वर्चुअल मीटिंग
  • बैठक में विदेश मंत्री और एनएसए अजीत डोभाल भी थे
  • क्या LAC पर भी हुई चर्चा, जवाब टाल गए संयुक्त सचिव

भारत और श्रीलंका के शीर्ष नेताओं के बीच आज शनिवार को वर्चुअल शिखर वार्ता हुई जो करीब घंटेभर चली. इस शिखर वार्ता के दौरान दोनों देशों में इस पर भी सहमति बनी कि बौद्ध नगरी कुशीनगर से पहली उड़ान शुरू होने के दौरान श्रीलंकाई बौद्ध तीर्थयात्रियों को इस यात्रा की सुविधा दी जाएगी.

शिखर वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय के हिंद महासागर क्षेत्र प्रभाग (एमईए) के संयुक्त सचिव अमित नारंग ने बताया कि बैठक के दौरान यह सहमति भी बनी कि कुशीनगर से पहली उड़ान शुरू होने पर भारत की ओर से श्रीलंका के बौद्ध तीर्थयात्रियों को इस बौद्ध स्थल की यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी.

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वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित नारंग से जब पूछा गया कि बैठक के दौरान चीन के साथ एलएसी सीमा विवाद को लेकर भी चर्चा हुई, इस पर उन्होंने कहा, 'मैं केवल यह कह सकता हूं कि शिखर सम्मेलन में सामान्य हित, क्षेत्रीय और अंतराराष्ट्रीय सभी मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ.'

विदेश मंत्रालय के हिंद महासागर क्षेत्र प्रभाग (एमईए) के संयुक्त सचिव अमित नारंग ने यह भी बताया कि भारत-श्रीलंका वर्चुअल समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के बीच बौद्ध धर्म के रिश्ते को मजबूत करने के लिए 15 मिलियन यूएस डॉलर की सहायता की घोषणा की.

दोनों देशों के बीच शिखर वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव, PMO के अधिकारी और विदेश मंत्रालय के अफसरों के अलावा कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले शामिल थे. जबकि श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री गुनावरदेना और मत्स्य मंत्री डगलस देवानंद समेत कई अन्य लोग शामिल थे.

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बीच वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर वार्ता हुई. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'मैं आपको प्रधानमंत्री पद ग्रहण करने के लिए बधाई देता हूं. भारत और श्रीलंका का बहुमुखी संबंध हजारों साल पुराना है. मेरी सरकार की नेबरहुड फर्स्ट नीति के तहत श्रीलंका से संबंधों को हम विशेष और उच्च स्तरीय प्राथमिकता देते हैं.'

जबकि शिखर वार्ता के दौरान श्रीलंकाई प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारे बीच पुराने जमाने से घनिष्ठ संबंध और प्रेम है और यह आगे भी हमेशा ऐसे ही बना रहेगा. पूरी दुनिया कोरोना महामारी की वजह से संकट में है और आपने दोनों देशों के लिए तथा अन्य देशों की सुरक्षा के लिए जिस प्रकार काम किया मैं उसके लिए कृतज्ञता प्रकट करता हूं.

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