
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 के 19वें संस्करण के दूसरे दिन राइज़ हाई द रूफ बीम्स: अनलीजिंग द ट्रांसफॉर्मेटिव पावर ऑफ स्पोर्ट्स इन इंडिया में पूर्व खेल मंत्री और कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि देश में खेल संस्कृति बनाने के लिए एक ऐसा अभियान शुरू किया जाना चाहिए जिसमें लोगों की भागीदारी हो.
पूर्व खेल मंत्री और केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि देश में खेल संस्कृति किस तरह से बनाई जाए, इसको लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी है कि हर कोई यह उम्मीद करता है कि सरकार को यह करना चाहिए. लोग कहते हैं कि एथलीट को दिक्कत होती है तो सरकार को चिंता करनी चाहिए. और सरकार पर्याप्त नहीं कर रही है.
उन्होंने कहा कि अगर आप पश्चिमी देशों यूरोप और अमेरिकी की ओर देखेंगे तो पाएंगे कि वहां पर सरकार खेलों पर एक भी पैसा खर्च नहीं करती है. जबकि भारत सरकार खर्च करती है. सरकार वहां खेल में शामिल नहीं होती है लेकिन यहां ऐसा होता है. ऐसे में अलग-अलग धारणा है. खेल में सब कुछ सरकार को करना है, यहां ऐसी ही धारणा है और इसके पीछे वजह यह है कि खेल संस्कृति की कमी का होना है.
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क्रिकेट क्यों सफल हुआः किरण रिजिजू
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 में किरण रिजिजू ने कहा कि देश में खेल संस्कृति बनाने के लिए कई रास्ते हैं. इसके लिए लंबी प्रक्रिया होनी चाहिए. लोग आते हैं और कहते हैं कि खेल के लिए कुछ करना चाहिए, तो मैं उसको बोलता हूं कि खेल को आगे बढ़ाने के लिए आपको ज्यादा कुछ करना नहीं है. अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो कम से कम टीवी पर मैच देखना शुरू करो. या स्टेडियम में जाकर मैच देखो. यहां पर बैडमिंटन लीग सफल क्यों नहीं हुआ क्योंकि लोग देखने नहीं गए. ओलंपिक में मेडल आएगा तभी आप जश्न करेंगे. क्रिकेट क्यों सफल हुआ क्योंकि लोग मैच देखने जाते हैं.
उन्होंने कहा कि पहले देश में खेल संस्कृति नहीं थी, लेकिन अब यहां पर बनने लगी है. खासकर टोक्यो ओलंपिक के बाद आप किसी भी खिलाड़ी से पूछ सकते हैं. खो-खो, कबड्डी आदि भारतीय खेलों को आगे बढ़ाना चाहिए. सिर्फ विदेशी खेल खेलेंगे और देसी खेल नहीं खेलेंगे तो यह सही नहीं है.
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश में सबसे अहम बात है कि खेल संस्कृति में बदलाव लाया जाना चाहिए. अनुराग खेल मंत्रालय के अलावा सूचना और प्रसारण मंत्रालय भी देखते हैं.