
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव (India Today Conclave 2024) में शिरकत करते हुए तमाम सवालों के जवाब दिए. इस दौरान उन्होंने चुनाव, इलेक्टोरल बॉन्ड, एनडीए के नए सहयोगियों से लेकर विपक्ष से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए. इस दौरान अमित शाह ने वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया और कहा कि अगर एक बार में चुनाव होगा तो इससे चुनावी खर्चा भी बचेगा और विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी.
वन नेशन, वन इलेक्शन से जुड़े सवाल पर अमित शाह ने कहा, ' वन नेशन, वन इलेक्शन कब होगा वो देश की जनता तय करेगी. परंतु वन नेशन, वन इलेक्शन के पीछे नरेंद्र मोदी और भाजपा का विचार ये है कि इस समय बार-बार चुनाव होते रहते हैं. किसी साल 4 राज्यों और कभी 6 राज्यों के चुनाव होते हैं. पांच साल में एक बार संसद का भी चुनाव हो जाता है और जनता लगातार चुनाव में बिजी रहती है. इससे ज्यादा रिपीटेट खर्चा होता है. बार-बार कोड ऑफ कंडक्ट लगने से पॉलिसी मेकिंग की सिस्टम भी प्रभावित रहती है. कंटीन्यूटी भी नहीं रहती है इसे विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं या रूक जाते हैं. इससे देश की बहुत बड़ी हानि होती है. दूसरा इससे चुनावी व्यय कम होगा.'
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गृह मंत्री ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर आगे कहा, 'इससे पॉलिसी मेकिंग में सरलता होगी और जनता भी जिसको चाहेगी उसे पांच साल के लिए जिम्मेदारी सौंपकर देश के विकास कार्य में लग जाएगी. वन नेशन, वन इलेक्शन एक सॉल्यूशन है, 1960 तक देश इसी रास्ते पर चला. फिर इंदिरा जी ने सरकारें गिराना चालू किया.इससे स्टेट और देश के इलेक्शन का गणित बिगड़ गया.इसके बाद राज्य जनरल इलेक्शन से अलग होते गए. अगर वन नेशन, वन इलेक्शन हो जाता है तो इस देश में एक ही तारीख पर जिस दिन विधानसभा और लोकसभा की रचना हो जाएगी और काम खत्म हो जाएगा. बांकी जनता पांच साल तक जिसे बागडोर संभाले वो करते रहें.'
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