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India Today Conclave East 2022: कोलकाता-सिलिगुड़ी पर भाजपा विधायक का चैलेंज, कहा जीते तो दूंगा 10 हजार रुपये

India Today Conclave: पूर्वी भारत के विकास के लिए जरूरी है कनेक्टिविटी और ढांचागत विकास. भाजपा विधायक अशोक कुमार लहिरी ने बताया कोलकाता से सिलिगुड़ी जाने वाली सड़क का हाल. साथ ही दिया 10 हजार रुपये का चैलेंज.

India Today Conclave East 2022 में (बाएं से दाएं) अशोक कुमार लहिरी, प्रोणब सेन और सागर दरियानी. (फोटोः चंद्र दीप कुमार) India Today Conclave East 2022 में (बाएं से दाएं) अशोक कुमार लहिरी, प्रोणब सेन और सागर दरियानी. (फोटोः चंद्र दीप कुमार)
aajtak.in
  • कोलकाता,
  • 05 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 2:26 PM IST
  • पूर्वी भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहद कमी
  • बाकी देश की तुलना में पीछे है ईस्ट इंडिया

ईस्टर्न इंडिया कैसे ग्रोथ करेगा? इस सवाल पर भाजपा विधायक अशोक कुमार लहिरी पूर्वी भारत लगातार बाकी देश से पीछे जा रहा है. ये भारत के अन्य हिस्सों से धीमे विकसित हो रहा है. पहले पूर्वी भारत को देश के अन्य हिस्सों के साथ मिलकर गति बढ़ानी होगी. औद्योगिकिकरण के लिए जरूरी है ढांचागत विकास किया जाए. इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बेहद जरूरी है. आप कोलकाता से सिलिगुड़ी की दूरी 540 किलोमीटर अगर 16 घंटे से कम समय में पूरा कर लें, तो मैं आपको 10 हजार रुपये दूंगा. ये बात अशोक लहिरी ने इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2022 के दूसरे दिन हुए सेशन इकोनॉमिक एजेंडाः हाऊ टू किकस्टार्ट द ईस्टर्न ग्रोथ इंजन में कही. 

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इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर कंट्री डायरेक्टर के डॉ. प्रोणब सेन ने कहा कि जब हम विकास को देखते हैं, तो पहले बाकी दुनिया से कंपेरिजन करते हैं. औद्योगिकिकरण के लिए जरूरी है इलाका कैसा है. प्राकृतिक बाधाएं कितनी हैं. उद्योग कितना बड़ा है. कितने लोगों की जरूरत होगी. पूर्वी भारत में जितना पैदा हो रहा है, उतना खपत हो रहा है. ढांचागत विकास मार्केट को बढ़ाता है. नेशनल कनेक्टिविटी बढ़ी है. दक्षिण और पश्चिम में इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी बेहतर है. ईस्टर्न इंडिया के राज्यों में आपसी कनेक्टिविटी नहीं है. विकास हो रहा है. लेकिन बेहद धीमी गति से. हमें ये पता करना होगा कि किस तरह का विकास करना है. कैसे करना है. 

पूर्वी भारत में एन्टरप्रेन्योर पॉलिसी अच्छी हैः सागर

वॉव मोमो के सीईओ सागर दरयानी नई पीढ़ी की बात करें तो स्टार्टअप्स रैंकिंग में मेघालय और ओडिशा टॉप पर हैं. ये एक गलत परसेप्शन हैं कि पूर्वी भारत पिछड़ा है. ऐसा नहीं है. हम देर से आ रहे हैं... लेकिन दुरुस्त आ रहे हैं. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पूर्वी भारत में ज्यादा आसान है. ये समस्या पश्चिम और दक्षिण भारत में नहीं है. पूर्वी भारत की एंटरप्रेन्योर पॉलिसी बेहतर है. यहां की सरकारें मदद करती हैं. आईपीएल बड़ा इवेंट है. हम लगातार ऐसे बड़े इवेंट्स में शामिल हो रहे हैं. 

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India Today Conclave East 2022 में बात करते अशोक कुमार लहिरी, प्रोणब सेन और सागर दरियानी. (फोटोः चंद्र दीप कुमार)

सूरज उगना पूर्व से शुरु हुआ लेकिन यहां तक पहुंचा नहींः अशोक कुमार लहिरी

एक्सपोर्ट बढ़ाने के सवाल पर अशोक कुमार लहिरी ने कहा कि अब सबकुछ बदल रहा है, ये बात बहुत अच्छी है. बिहार, झारखंड, ओडिशा सबसे नीचे हैं. कई मामलों में. लेकिन इन राज्यों में ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहा है. ओडिशा और झारखंड में उद्योग हुआ न. एक्सपोर्ट कैसे होगा. सीमाई इलाकों में भष्ट्राचार टैक्स के रूप में शुरु हो रहा है. सूरज उगना पूर्व से हुआ. जापान से होते हुए थाईलैंड में आकर रुक गया. आग नहीं बढ़ा पाया. 

केंद्र का किरदार कम है, राज्य का बड़ा हैः प्रोणब सेन

जब केंद्र और राज्य सरकार के बीच क्या जरूरी है. इस सवाल पर प्रोणब सेन ने कहा कि केंद्र का किरदार कम होता है. यह काम राज्य सरकार है. केंद्र का काम अलग-अलग राज्यों और पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर संबंध बनाने का है. पड़ोसी राज्यों को एकसाथ आकर बातचीत करनी चाहिए ताकि वो विकास का एक ढांचा बना सकें. पड़ोसी राज्य प्रतियोगिता में लगे हैं, सहभागिता में नहीं. अगर बदलाव का पर्यावरण बनाना हो तो क्या करना होगा. इस सवाल पर सागर दरयानी ने कहा कि एक्सपोर्ट की बात करें, तो मौके बहुत हैं. असली भारत टीयर-टू शहरों में है. हम कंज्यूमर आधारित इकोनॉमी है. पूर्वी भारत में भी यह सुविधाएं हैं. टैलेंट है. हमें सेंटर और स्टेट दोनों से मदद मिलेगी तो एन्टरप्रेन्योरशिप आगे निकलेगा. 

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ढांचागत विकास से ही उद्योग में तेजी आएगी

अशोक कुमार लहिरी क्या हैं? इस पर उन्होंने कहा कि मैं कोलकाता का लड़का हूं. हम युवा लोकतंत्र हैं. अगर आप अपोजिशन एमएलए हैं तो ये बेहद फ्रस्ट्रेटिंग हैं. अगर केंद्र को राज्य को सलाह देनी है तो उसे ढांचागत विकास की बात करनी चाहिए. अगर ढंचागत विकास होगा तभी उद्योग तेजी से आगे बढ़ेंगे. पूर्वी भारत में इसी चीज की कमी है. अगर बंदरगाह बनाए जाएं, सड़कें बनाई जाएं आदि तो उद्योग तेजी से बढ़ेगा. पर्यटन बढ़ेगा. रोजगार बढ़ेगा. 
 

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