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इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट (India Today Conclave East) के 5वें संस्करण के दूसरे दिन, भारतीय सेना की पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता (Lieutenant General Rana Pratap Kalita) ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) पर अपने विचार रखे.
HOT BUTTON: Agniveers on Agnipath: A Reform Required or a Disaster-in-Waiting विषय पर लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता ने कहा कि 14 जून को अग्निपथ योजना लॉन्च हुई थी, तब से ही इसपर विरोध हो रहा था. ये विरोध हिंसक भी रहा.
1 लाख लोगों ने अग्निवीर स्कीम में रजिस्टर किया
लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा कि मुझे लगता है कि जानकारी के अभाव की वजह से विरोध करने वाले युवा इसे ठीक तरह से समझ नहीं पाए. लेकिन धीरे-धीरे लोगों के ये समझ आया कि ये स्कीम अच्छी है और युवाओं को इससे फायदा होगा. तो विरोध भी कम हो गया. तीनों सेनाओं के लिए नोटिफिकेशन निकला है. अब तक 1 लाख लोगों ने अग्निवीर स्कीम में रजिस्टर किया है, 10 हजार महिलाओं ने नेवी में रजिस्टर किया है.
'हमें समय के साथ चलना होगा'
लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा कि हमें नई टेक्नोलॉजी के साथ बदलना होगा. हमें न सिर्फ खुद को, बल्कि सेना को भी रीस्ट्रक्चर करने की जरूरत है. टेक्नोलॉजी को समझना जरूरी है. समय के साथ चलना जरूरी है, जिससे हम आने वाली लड़ाइयों के लिए तैयार रह सकें.
'स्कीम पेंशन का बजट घटाने को लिए नहीं लाई गई'
जनरल कलिता ने कहा कि यह एक HR मैनेजमेंट स्कीम है. यह एक्सरसाइज पेंशन का बजट कम करने के लिए नहीं है. लेकिन इससे भारतीय सेना के बजट में कमी जरूर आएगी. इस पैसे का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी के लिए किया जाएगा. सेना को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा.
'4 साल के बाद एन्टरप्रेन्योर बन सकते हैं अग्निवीर'
आजतक के पत्रकार राहुल कंवल ने उनसे पूछी कि लोग मेहनत करके सेना में भर्ती होते थे, ताकि उनका जीवन सुरक्षित हो जाए. सैनिकों और सेना के बीच एक अलिखित समझौता होता था कि वह 15 साल देश की सेवा करेंगे और देश जीवन भर उनके परिवार का ख्याल रखेगा. क्या ये समझौता अब टूट गया है? इसपर जनरल कलिता ने जवाब दिया कि हमें समय के साथ बदलना चाहिए. चार साल नौकरी करने के बाद अग्निवीरों को कई चीजें सीखने को मिलेंगी, कई मौके मिलेंगे. पहली बात आप स्क्लिड होंगे. अनुशासित होंगे. आर्थिक मजबूती मिलेगी. उन्हें जो फंड मिलेगा उससे वे एन्टरप्रेन्योर बन सकते हैं. उन्हें 780 पैकेज दिया जा रहा है. अपना काम कर सकते हैं. ब्रिजिंग कोर्स भी है. अग्निवीर बनने के बाद किसी भी युवा के लिए रोजगार के कई रास्ते खुल जाएंगे. 4 साल के बाद वो किसी भी तरह की दिशा में जाकर काम कर सकते हैं.
'चीन ने सीमा पर फोकस्ड डेवलपमेंट किया है'
भारत चीन सीमा का डीमार्केशन सही तरह से नहीं हुआ है. ईस्टर्न थियेटर में काफी संतुलन है. शांति है. कभी-कभी दिक्कतें आती हैं. बॉर्डर मैनेजमेंट मैकेनिज्म हैं. फ्लैग मीटिंग्स होती है. चीन सीमा पर फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है. भारत और चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर में अंतर है. इलाके बेहद सुदूर हैं. चीनियों ने फोकस्ड डेवलपमेंट किया है. सड़कें, हेलिपैड और बॉर्डर विलेज बनाए गए हैं. सीमा पर चीन का इंफ्रास्ट्रक्चर हमसे बेहतर है. हमने भी अब सीमा के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की कोशिश की है. हमारे पास बेहतर सड़के हैं. हम इस समय किसी भी तरह की स्थिति के लिए ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार हैं.
'सेना से रिटायर लोगों को भी मौके मिलते हैं'
उन्होंने यह भी कहा कि जो भी पॉलिसी बनाई जाती है, उसमें ज़रूरत पड़ने पर बदलाव किए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि रिटायर लोगों को काम नहीं दिया जाता ये कहना सही नहीं है. सेना से रिटायर लोगों को जॉब मिलती है, संख्या भले ही कम हो. उन्हें मौके मिलते हैं. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अग्निवीरों को अन्य सेवाओं में मौके मिलेंगे.