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स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020: डिजिटल गवर्नेंस से स्मार्ट हो रहे शहर, बदल रहा काम काज का तरीका

स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020 में शिरकत करते हुए हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव (सूचना तकनीक, इलेक्ट्रानिक और संचार) वी उमाशंकर ने कहा कि हमारा देश आईटी सेक्टर में तो बहुत अच्छा है, लेकिन ये स्किल सरकारी सेक्टर में नहीं आया है. हमें इस दिशा में काम करने की जरूरत है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:05 PM IST

देश में स्मार्ट सिटी के विकास में डिजिटल गवर्नेंस और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की क्या भूमिका हो सकती है. इस मुद्दे पर स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020 में चर्चा हुई. 

कार्यक्रम में शिरकत करते हुए दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली डॉयलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन के सदस्य गोपाल मोहन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपनी ज्यादातर सेवाओं को डिजिटलाइज कर दिया है. उन्होंने कहा कि हमें दिक्कतें ये हुई कि लोग इंटरनेट सेवी नहीं थे, उनके पास इंटरनेट नहीं था. इसके लिए हमने उन्हें एक नंबर पर कॉल पर करने को कहा और इस नंबर पर संपर्क करके उनके सारे काम हुए. 

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गोपाल मोहन ने कहा कि डिजिटल सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि आपको सरकारी अधिकारियों से वक्त नहीं लेना पड़ता है, बल्कि गवर्मेंट अधिकारी लोगों को टाइम देते हैं. इस तरह से उनका टाइम बचता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने पूरे सिस्टम को और भी टेक सेवी करना चाहती है ताकि आम लोगों को कम से कम दिक्कत हो सके. 

कार्यक्रम में शिरकत करते हुए ओडिशा सरकार के इलेक्ट्रानिक्स और सूचना सचिव मनोज मिश्रा ने कहा कि ओडिशा सरकार गवर्नेंस को डिजिटल बनाने के लिए हम इस वक्त कई टी पर काम कर रहे हैं. ये टी हैं. टीम वर्क, ट्रांसपेरेंसी, टेक्नोलॉजी, ऑन टाइम और ट्राफफॉर्मेशन. उन्होंने कहा कि हम e-gov की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार नहीं चाहती है कि लोग अपना काम करने के लिए दफ्तर आएं. हम इस दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचार कम करना है तो सरकारी मशीनरी और लोगों का संपर्क कम से कम करना होगा. 

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चर्चा में शिरकत करते हुए हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव (सूचना तकनीक, इलेक्ट्रानिक और संचार) वी उमाशंकर ने कहा कि हमारा देश आईटी सेक्टर में तो बहुत अच्छा है, लेकिन ये स्किल सरकारी सेक्टर में नहीं आया है. हमें इस दिशा में काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्विस पर काम करते हुए हम भी सरकार और आवेदनकर्ता के बीच संपर्क कम करना चाहते हैं. इसके बाद दस्तावेजों की जांच का मसला आता है. हम चाहते हैं कि हम दस्तावेजों को पहले से वैरीफाई कर लें और जब किसी को कुछ दस्तावेज की जरूरत होती है तो उसी वेरिफिकेशन के आधार पर हम उसे प्रमाण पत्र जारी कर सकें. वी उमाशंकर ने भी कहा कि हमें सरकारी प्रतिष्ठान और लोगों के बीच संपर्क कम से कम करने की जरूरत है. 

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आईटी सेक्टर की कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की हेड-Public sector (स्ट्रैटेजिक सेल्स) नंदिनी सिंह ने कहा कि डिजिटल जर्नी में हम धीरे-धीरे आगे बढ़े हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों में हम वित्त क्षेत्र में तेजी से कामयाबी हासिल किए हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में कई इंटीगरेशन हो रहे हैं. कई सेक्टर काम कर रहे हैं, लेकिन कोरोना ने इस सभी कामों को रफ्तार दे दिया है. 

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कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के प्रधान सचिव एसवीआर श्रीनिवास (आवास) ने कहा कि अगले कुछ दिनों में भारत नेट महाराष्ट्र में अपना काम शुरू करने जा रहा है. इस सर्विस से लोगों को सौ एमबी तक की सुविधा मिल सकेगी. उन्होंने कहा कि कुछ सालों में जब 5जी की सुविधा शुरू होगी. इसके बाद लोगों को डिजिटल सर्विस और भी तेजी से मिलने लगेगा. 

 

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