
इंडिया टुडे के स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव में इंडिया टुडे ग्रुप के ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि इंडिया टुडे ग्रुप बेहतर शासन प्रणाली, इकोनॉमी, रोजगार, बेहतर इन्फ्रा, रोजगारपरक शिक्षा, कानून व्यवस्था, पर्यटन जैसे मानकों के आधार पर राज्यों की रैकिंग करता रहा है.
18वें इंडिया टुडे स्टेट ऑफ द स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी इंडिया टुडे ग्रुप राज्यों की प्रगति को जानने लंबे समय से राज्यों को परफॉर्मेंस की कसौटी पर कसता रहा है. उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि अगर भारत प्रगति करेगा, तभी राज्य प्रगति करेगा.
उन्होंने कहा कि राज्यों की प्रगति जानने के लिए हमने उन सेक्टरों को ध्यान में रखा जिसका असर आम जनता पर पड़ता है. इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के मौके और कानून व्यवस्था शामिल है. ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा ने कहा कि हमने अपना अध्ययन तथ्यों और हार्ड फैक्ट के आधार पर किया.
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राज चेंगप्पा ने बताया कि इसके लिए नीति आयोग, थिंक टैंक, सलाहकार फर्म की सेवाएं ली गई और राज्यों की सफलता तय की गई. उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रीय सैंपल सर्वे और केंद्रीय सांख्यिकी संस्थान का डाटा लिया.
इस साल के इंडिया टुडे स्टेट ऑफ द स्टेट्स कॉन्क्लेव के लिए 13 मानकों को आधार बनाया गया. इनमें इकोनॉमी, इंन्फ्रा, खेती, स्वास्थ्य, गवर्नेंस, स्वच्छता, पर्यटन, एजुकेशन, रोजगार, कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्र शामिल रहे. उन्होंने कहा कि कोरोना की मार को देखते हुए हमने इस बार कोरोना से निपटने में सबसे कारगर और कुशल कौन सा राज्य रहा, इसे लेकर भी पुरस्कार दिया.