
भारत और चीन के बीच इस वक्त सीमा पर तनाव की स्थिति है. चीन लगातार युद्ध की धमकी दे रहा है और लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है. इस बीच भारतीय सेना तैयारियों में जुटी है और आज ही वायुसेना के बेड़े में पांच राफेल लड़ाकू विमान शामिल हो रहे हैं. एक ओर से चीन और दूसरी ओर से पाकिस्तान भारत को परेशान कर रहा है, तब राफेल के आने से भारत की ऑपरेशन ताकत बढ़ सकती है.
राफेल लड़ाकू विमान पिछले महीने ही भारत पहुंच गए थे. तब से अबतक इनको इस तरह से तैयार किया जा रहा था, ताकि ये जरूरत पड़ते ही मैदान में उतर सकें. अब जब तैयारी पूरी हो चुकी है, तब वायुसेना के बेड़े में शामिल हो रहे हैं.
दोनों मोर्चे पर मजबूत होगा हिन्दुस्तान
राफेल लड़ाकू विमानों को अंबाला एयरफोर्स के एयरबेस पर तैनात किया गया है. रणनीति के हिसाब से ये बिल्कुल सटीक जगह है. क्योंकि अगर जरूरत पड़ती है तो कुछ ही मिनटों में राफेल विमान को यहां से लद्दाख सीमा तक ले जाया जा सकता है. बीते दिनों उत्तराखंड में राफेल ने चीन सीमा के पास उड़ान भी भरी थी, ऐसे में दुश्मन को कुछ भी कदम उठाने से पहले कई बार सोचना होगा.
वहीं अगर पाकिस्तान को देखें तो 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के वक्त उसने अपने लड़ाकू विमान भेजने की हिमाकत की थी. लेकिन पाकिस्तान अपनी कोशिश में सफल नहीं हो पाया था और मुंह की खाकर गया था. तब भारत के मिग ने ही पाकिस्तान को मजा चखा दिया था, अब जब राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के पास है तो पाकिस्तान के J-16 का रंग काफी फीका पड़ सकता है.
आपको बता दें कि औपचारिक रूप से आज पांच लड़ाकू विमान राफेल एयरफोर्स में शामिल होंगे. इस मौके पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. अंबाला एयरबेस पर सर्व धर्म पूजा की जाएगी. फिर राफेल आसमान में उड़ान भरकर अपनी ताकत का अहसास कराएंगे. साथ ही स्वदेशी एयरक्राफ्ट तेजस का एयर डिस्प्ले भी होगा. भारतीय वायुसेना को कुल 36 राफेल विमान मिलने हैं, जिनमें से ये पांच की पहली किस्त है.