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We Salute Zoom: दो गोली लगी फिर भी आतंकियों को नहीं छोड़ा, मिलिट्री डॉग Zoom की होगी रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी

भारतीय सेना के देशभक्त डॉग को अब रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जरुरत है. दो दिन पहले उसने लश्कर आतंकियों को पकड़ने में मदद की थी. इस मुठभेड़ आतंकियों ने उसे गोलियां मारी. दो गोलियां उसे लगीं. अब इस डॉग का इलाज श्रीनगर के आर्मी वेटरीनरी हॉस्पिटल में चल रहा है. आइए जानते हैं Zoom की बहादुरी का किस्सा...

इस कॉम्बो फोटो में आप मिशन से पहले और अब इलाज करा रहे Zoom को देख सकते हैं. इस कॉम्बो फोटो में आप मिशन से पहले और अब इलाज करा रहे Zoom को देख सकते हैं.
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 10:01 AM IST

मिलिट्री का कॉम्बैट डॉग Zoom गंभीर रूप से जख्मी है. इस देशभक्त कुत्ते ने कश्मीर के अनंतनाग में दो आतंकियों को मार गिराने में अपनी जान की फिक्र नहीं की. दो गोलियां लगे इसे. अभी जूम का इलाज श्रीनगर के आर्मी वेटरीनरी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. आप तस्वीर में देख सकते हैं कि इस बेल्जियन मैलिनॉय (Belgian Malinois) ब्रीड के कुत्ते के पिछले पैर पर पट्टियां बंधी हैं. अगले बाएं पैर बंधी हैं. चेहरा बिगड़ा था, इसलिए तस्वीर को थोड़ा धुंधला किया गया है. देश भर से इस बहादुर कुत्ते के लिए लोग प्रार्थना कर रहे हैं. 

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यह फोटो रिटा. लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने अपनी ट्वीट पर शेयर की है. Zoom का इलाज चल रहा है. वह गंभीर है.

ढाई साल के Zoom आर्मी के 15वें कॉर्प्स के साथ पिछले दस महीनों से काम कर रहा है. यह लड़ाकू कुत्ता सेना की असॉल्ट टीम का हिस्सा है. अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि Zoom की हालत गंभीर है. जब चिनार कॉर्प्स ने इस बहादुर Canine की स्टोरी ट्वीट की तब उसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेजी से होने लगी थी. Zoom की ट्रेनिंग सिर्फ और सिर्फ आतंकियों को पकड़ने और मार गिराने के लिए की गई है. 

बहादुरी और देशभक्ति का प्रतीक बन रहा है भारतीय सेना का कॉम्बैट डॉग Zoom. 

जूम ने अनंतनाग के तंगपावास इलाके के एक घर में छिपे दो आतंकियों को खोजा. उसके बाद उनपर अचानक हमला कर दिया. वो भी चुपके से. क्योंकि आतंकी फौजियों के आने की राह देख रहे थे. उन्हें इस बहादुर सैनिक के हमले की उम्मीद ही नहीं थी. Zoom के अचानक हमले से आतंकी घबरा गए. ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे. दो गोलियां जूम को भी लग गईं. लेकिन उसने एक भी आतंकी को छोड़ा नहीं. क्योंकि आतंकी मुठभेड़ के समय आम लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे. ताकि फौजियों का ध्यान बांटा जा सके. 

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आतंकियों को मार गिराने के लिए ही ट्रेंड हुआ है ढाई साल का जूम. 

15वे कॉर्प्स के प्रवक्ता ने बताया कि Zoom ने बेहद चुपके और बहादुरी से यह जंग लड़ी. उसने आतंकियों को बुरी तरह से झंकझोर दिया. डरा दिया था. तब तक हमारी रेड टीम ने दोनों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया. इस हमले में भारतीय सेना का भी एक जवान जख्मी हो गया. रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने ट्वीट किया है कि विश यू अ स्पीडी रिकवरी, सोल्जर. इसके अलावा कई और ट्वीट सोशल मीडिया पर Zoom की सलामती की दुआ कर रहे हैं. 

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