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अरुणाचल में चीन सीमा पर भारतीय सेना ने तैनात की M-777 Ultra-Light Howitzers तोपें, जानिए ताकत

भारतीय सेना ने अरुणचाल प्रदेश में चीन सीमा पर काफी मात्रा में M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों को तैनात कर दिया है. ये तोप किसी भी मौसम में दुश्मन की धज्जियां उड़ा सकते हैं. इनकी रेंज भी काफी ज्यादा होती है. चीन से चल रहे तनाव के बीच इन तोपों की तैनाती भारतीय इलाके की सुक्षा को बढ़ाएगी.

Indian Army ने LAC के पास कई स्थानों पर तैनात की है एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर. (फोटोः रॉयटर्स) Indian Army ने LAC के पास कई स्थानों पर तैनात की है एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर. (फोटोः रॉयटर्स)
aajtak.in
  • ईटानगर,
  • 09 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:12 PM IST

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारतीय सेना (Indian Army) ने M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर को तैनात कर दिया है. इन तोपों को आसानी से कहीं भी पहुंचाया जा सकता है. LAC पर पर्याप्त मात्रा में इन तोपों की तैनाती की गई है. भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश के फॉरवर्ड पोजिशन पर इन तोपों की तैनाती करके अपनी फायर पावर को बढ़ा रही है. 

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पिछले साल बुमला में भी तैनात की गई थी M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप. (फोटोः युवराज मेहता)

इससे पहले इन तोपों की तैनाती लद्दाख सेक्टर के कुछ संवेदनशील हिस्सों में किया गया था. बात उस समय की है जब चीन के साथ सीमा विवाद बढ़ा हुआ था. भारत के पास करीब 3500 किलोमीटर लंबी LAC है. जिस पर भारतीय सेना सभी जरूरी और रणनीतिक पोजिशन पर तैनात है. जून 2020 गलवान घाटी के संघर्ष के बाद भारत और चीन की सेना के बीच काफी ज्यादा तनाव की स्थिति बन गई थी. 

लाइट हॉवित्जर तोप को एयरलिफ्ट करता चिनूक हेलिकॉप्टर. (फोटोः पीटीआई)

भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती से हमें ज्यादा ताकत मिली है. इसके अलावा हम सीमा पर ड्रोन्स, मिलिट्री एयरक्राफ्ट और सर्विलांस से संबंधित यंत्रों की तैनाती कर चुके हैं. सेना यहां पर भारी तोप या आर्टिलरी नहीं ला सकती है. पहाड़ी रास्ते खतरनाक हैं. इसलिए M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर को यहां लाया गया है. इन्हें चिनूक हेलिकॉप्टर आसानी से उठा सकते हैं. या किसी गाड़ी से खींचकर पहुंचा सकते हैं.

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चीन सीमा के पास भारतीय सेना को अब ज्यादा ताकत और हथियार मिल रहे हैं. 

सेना के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि अब हम चीन से लोहा लेने के लिए ज्यादा बेहतर और ताकतवर स्थिति में हैं. पिछली साल सेना ने बुमला में M-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती की थी. इसके बाद इसे अरुणाचल प्रदेश के RALP एरिया में भी तैनात किया गया था. इस तोप को अमेरिका की BAE System बनाती है. लेकिन असेंबलिंग भारत में एक निजी कंपनी करती है. 

दुनिया में इस लाइट हॉवित्जर तोप की काफी ज्यादा मांग है. अमेरिका भी करता है उपयोग. (फोटोः गेटी)

155 mm अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर का उपयोग पहले ही अफगानिस्तान युद्ध, इराक और सीरिया जैसे युद्धों में बखूबी किया जा चुका है. सबमें इसने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. भारतीय सेना के पास 110 हॉवित्जर हैं. 145 और तोपों का ऑर्डर दिया गया है. इसे चलाने के लिए 8 लोग लगते हैं. यह एक मिनट में 7 गोले दागता है. इसके गोले की रेंज 24 से 40 किलोमीटर है. इसका गोला करीब एक KM प्रति सेकेंड की गति से चलता है. (इनपुटः युवराज मेहता)

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