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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर क्या कहते हैं गोवा, हिमाचल, राजस्थान में मौजूद इजरायली नागरिक?

इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच कुछ इजरायली नागरिक मौजूदा वक्त में भारत में भी मौजूद हैं. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, राजस्थान के पुष्कर और गोवा में मौजूद इजरायली नागरिकों ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चिंता जाहिर की.

मिलिड ईस्ट तनाव (फाइल फोटो) मिलिड ईस्ट तनाव (फाइल फोटो)
रीतेश देसाई /दिनेश पाराशर/मनमिंदर अरोड़ा
  • कुल्लू,पुष्कर,पणजी,
  • 08 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 1:58 AM IST

ईरान, लेबनान और इजरायल के बीच बीते दिनों बढ़ रहे तनाव का असर अब अन्य देशों में रहने वाले इजरायली नागरिकों पर भी पड़ रहा है. ऐसे में अक्टूबर महीने में इजरायल के नागरिकों के कुछ प्रमुख त्योहार भी मनाए जाते हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए हिमाचल की कुल्लू पुलिस ने भी पर्यटन स्थल कसोल और मनाली में इजरायलियों की सुरक्षा को बढ़ा दिया है, जिससे इजरायली नागरिक सुरक्षित रह सकें क्योंकि इस दौरान सभी इजरायल के नागरिक एक जगह पर इकट्ठे होकर इस त्यौहार को मानते हैं.

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गौरतलब है की कुल्लू जिला के अंदर आने वाली मणिकर्ण घाटी के कसोल और पर्यटन नगरी मनाली में भी इन दोनों 300 से ज्यादा इजरायली नागरिक ठहरे हुए हैं. हालांकि, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर इजराइली नागरिकों ने इजरायल का रुख कर लिया है लेकिन अभी भी कई इजरायली यहां पर ठहरे हुए हैं. 

कुल्लू में कड़ी सुरक्षा

कुल्लू पुलिस ने ऐसी जगहों पर गश्त बढ़ा दी है और पुलिस बल को भी बढ़ाया गया है, जिससे यह लोग शांतिपूर्ण तरीके से रह सकें और अपने उत्सव को बना सकें. पुलिस लगातार होटल और रेस्टोरेंट आने-जाने वाले लोगों पर नजर बनाए हुए है. 

कुल्लू के एसपी डॉ गोकुल चंद्रन कार्तिकेयन ने कहा, "कुल्लू मनाली एक प्रसिध पर्यटन स्थल हैं. ऐसे में देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से खासकर इजरायल से हर साल पर्यटक यहां भारी संख्या में पहुंचते हैं. ईरान, लेबनान, इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच पुलिस ने इन दिनों यहां रहने वाले इजरायली नागरिकों की सुरक्षा बढ़ा दी है, जिससे वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने सभी त्यौहार मना सकें.

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उन्होंने आगे कहा कि पुलिस इस बात का ध्यान रख रही है कि यहां पर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि न हो. पुलिस इन इलाकों के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के संपर्क में है. लगातार इनपुट्स इकट्ठे किए जा रहे हैं. 

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मनाली में घूमने आए इजरायली नागरिक इदान का कहना है कि वे मनाली में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि यहां काफी ज्यादा तादाद में उनके देश के नागरिक मौजूद हैं. यहां वे अपने घर जैसा ही महसूस कर रहे हैं. यहां काफी जगह हिब्रू भाषा के साइन बोर्ड भी लगे हुए हैं. सभी का दोस्ताना व्यवहार है और किसी को किसी तरह का कोई नुकसान नही पहुंचाता है. 

वहीं, कुल्लू की पार्वती घाटी के पर्यटन स्थल कसोल घुमने आये इजरायली नागरिक योर्ज ने कहा कि ईरान ने बुराई फैलाने के लिए अब यह नया तरीका अपनाया है. इजरायली होने की वजह से वे इसकी कड़ी निंदा करते हैं. वे चाहते हैं कि इजरायल की इंटेलिजेंस इस पर कड़ा संज्ञान ले, चाहे उसके लिए इजरायल को अटैक ही क्यों न करना पड़े. 

गोवा में मौजूद इजरायली टूरिस्ट की भारत सरकार से मांग

गोवा में इजरायली पर्यटक नागरिकों की मांग है कि ईरान और इजराइल के बीच युद्ध टाला जाए और शांति बनाने की कोशिश की जाए. एक ओर जहां ईरान और इजराइल में युद्ध जैसे हालात हैं, वहीं गोवा में इजरायली नागरिकों ने अपनी राय रखते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए. इन नागरिकों का कहना है कि दोनों देशों में शांति होनी चाहिए. युद्ध से बहुत गंभीर स्थिति उत्पन्न होगी और इसके बुरे नतीजे होंगे. इन नागरिकों का कहना है कि युद्ध से दोनों देशों को नुकसान होगा, वे दुनिया में शांति चाहते हैं. यहां के एक इजरायली नागरिक ने मांग की है कि भारत को भी युद्ध टालने की कोशिश करनी चाहिए.

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राजस्थान में इजरायली नागरिकों ने की प्रार्थना

राजस्थान के पुष्कर में इजरायल के लोग अपने मारे हुए शहीदों के लिए घाट पर महा आरती पूजा कर रहे हैं. उन्हें यकीन है कि ईरान और लेबनान अन्य देशों से वह विजय हासिल करेंगे.

पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले में इजरायल के 4 स्वदेशियों की हत्या कर दी गई थी. इन 4 इजरायली पर्यटकों की आत्मशांति के लिए और ईरान से युद्ध में जीतने के लिए इजरायल के मारे गए सैनिकों के परिजन ने पुष्कर सरोवर की महा आरती पूजन व तर्पण कर प्रार्थना की. इस मौके पर विदेशी पर्यटकों की तरफ से सरोवर की महाआरती का भी आयोजन किया गया.

टूरिस्ट गाइड  औरतीर्थ पुरोहित गोपाल पाराशर ने बताया कि पिछले साल होली मनाने के लिए 12 इजरायली पर्यटक पुष्कर आये थे. ये सभी कुछ दिनों बाद अपने देश लौट गए. इस दौरान 7 अक्टूबर को 4 इजरायली पर्यटकों की हमास द्वारा नृशंस हत्या कर दी गई थी. इन्हीं मृत आत्माओं की शांति की कामना को लेकर इजरायली पर्यटकों के 23 सदस्यीय दल ने शनिवार को पुष्कर सरोवर के ग्वालियर घाट पर तीर्थ पुरोहित पं. कौशल मुखिया के आचार्यत्व व पं. गोविंद पाराशर के सह आचार्यत्व में पुष्कर सरोवर का पूजन व सरोवर का पवित्र जल जौ, तिल, चावल, पुष्प, कुशा आदि सामग्री को अपने हाथों में लेकर तर्पण किया.

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इजरायली पर्यटक डानी और उनकी पत्नी मरिता ने बताया कि पिछले साल हमास द्वारा किए गए हमले में उनके 26 वर्षीय पुत्र अलोन की मौत हो गई. उसकी आत्मा की शांति के लिए वे पुष्कर सरोवर की पूजा और तर्पण करने आये हैं. 

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भारत को इजरायल अपना सबसे अच्छा, सच्चा साथी मानता है. घटना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उनका पुत्र अलोन लाइफ एंजॉय करने पार्टी करने गया और वापस कभी नहीं आया. इसके अलावा इजयराली पर्यटकों ने अपने मित्र और परिचितों की आत्मा की शांति की कामना की. वहीं, सभी पर्यटक महा आरती, पूजन तर्पण करते समय भावुक हो गऐ थे.

विदेशियों ने हिंदी में किया मंत्रोच्चार

प्रार्थना के दौरान सभी इजरायली पर्यटकों ने पुरोहित द्वारा बोले गऐ तर्पण कर्म को हिंदी में बोलते हुए पूजन किया. पुरोहित कौशल मुखिया ने सभी को अंग्रेजी भाषा में हिंदू संस्कृति से रूबरू कराते हुए पूजन करवाया.

महाआरती में लिया भाग

तर्पण कर्म के बाद सभी पर्यटक बद्री घाट पहुंचे, जहां उनकी तरफ से आयोजित महाआरती में भाग लेकर पुष्कर राज से खुशहाली की कामना की. इस मौके पर पं. शशांक पाराशर ने सरोवर की महाआरती की. इस दौरान पं. गोपाल पाराशर, दामोदर मुखिया, अरुण बाबू पाराशर, पं. मधुसुदन मेक्स पाराशर, रुद्राक्ष पाराशर, योगेश वैष्णव, भारत पाराशर, राजेंद्र सिंह, पंकज पाराशर, सेवाराम, इन्द्र सिंह पंवार, मयंक सैन समेत धर्मप्रेमी व इजरायली पर्यटक मौजूद थे. इससे पहले पं. रामपाल काला ने भजनों की प्रस्तुति देकर पर्यटकों को भाव विभोर कर दिया.

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इसके साथ ही पुष्कर में स्थित इजरायली धर्मस्थल बेद खबात की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अजमेर जिले की पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने खबाद हाउस की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच की. अजमेर जिले के आला अधिकारी बार-बार यह का दौरा करते रहते हैं. बता दें कि यह खबाद हाउस पहले से ही आतंकियो के निशाने पर है.

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