
इंटरनेट पर इन दिनों Ghibli आर्ट की बाढ़ सी आ गई है. अगर आप कहीं छुपकर नहीं रह रहे हैं, तो आपने भी अपने दोस्तों, परिवार वालों या जान-पहचान वालों की तस्वीरें Studio Ghibli के मशहूर स्टाइल में बदली हुई ज़रूर देखी होंगी. OpenAI के नए इमेज-जनरेशन टूल का पिछले हफ्ते इतना ज्यादा इस्तेमाल हुआ कि कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा कि यह उनके GPU को 'पिघला' रहा है.
हालांकि, इस पर बहस जारी है कि इसे आर्ट कहा जाए या नहीं और Studio Ghibli की बौद्धिक संपदा का उल्लंघन हो रहा है या नहीं. लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि यह ट्रेंड पूरी दुनिया में छा गया है. Google Trends के डेटा के मुताबिक, यह ट्रेंड सबसे ज्यादा साउथ एशिया में पॉपुलर हुआ, जिसमें बांग्लादेश पहले नंबर पर और भारत दूसरे नंबर पर रहा.
भारत में Ghibli आर्ट का क्रेज़
भारत में इस AI Ghibli आर्ट के लिए सबसे ज्यादा सर्च गुजरात में हुई, जिसे गूगल ट्रेंड्स स्कोर में 100 अंक मिले. इसके बाद अंडमान और निकोबार आइलैंड्स (81), ओडिशा (59), असम (59) और पश्चिम बंगाल (58) का नंबर आया. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में इस ट्रेंड का उतना असर नहीं दिखा. मणिपुर (8), अरुणाचल प्रदेश (15) और मिज़ोरम (16) में इस टॉपिक पर काफी कम सर्च की गई.
साउथ एशिया में क्यों पॉपुलर?
Studio Ghibli दुनियाभर में फेमस है, लेकिन Google Trends के वर्ल्ड मैप से साफ दिखता है कि Ghibli आर्ट की दीवानगी सबसे ज्यादा साउथ एशिया में देखने को मिली. बांग्लादेश (100), भारत (85), नेपाल (80), पाकिस्तान (47) और श्रीलंका (46) ने इस ट्रेंड में सबसे ज्यादा हिस्सा लिया. वहीं, पश्चिमी देशों में इसकी तुलना में कम रुचि दिखाई दी. सब-सहारा अफ्रीका में यह ट्रेंड लगभग न के बराबर रहा.
अचानक से क्यों बढ़ा ट्रेंड?
Studio Ghibli की शुरुआत 1985 में जापानी डायरेक्टर्स हायाओ मियाज़ाकी, इसाओ ताकाहाता और तोशियो सुजुकी ने की थी. लेकिन हाल ही में ChatGPT में इमेज जनरेशन फीचर जुड़ने के बाद Ghibli स्टाइल आर्ट इंटरनेट पर छा गया. Ghibli स्टाइल फोटो में पेंटिंग जैसी सॉफ्ट कलर टोन, डिटेलिंग और मैजिकल थीम इस्तेमाल होती है, जो देखने में काफी आकर्षक लगती है. अब OpenAI के न्यू टूल की मदद से इस स्पेशल आर्ट स्टाइल को आसानी से रीक्रिएट किया जा सकता है. 25 मार्च तक इस ट्रेंड की पॉपुलैरिटी सिर्फ़ 0.5 थी (100 के स्केल पर), लेकिन 29 मार्च को यह बढ़कर 64 हो गई और 31 मार्च को यह 100 यानी अपने चरम पर पहुंच गई थी.