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ISIS में रही केरल की महिला 2019 से जेल में कैद, मां ने लगाई स्वदेश लाने की गुहार

निमिषा फिलहाल अफगानिस्तान की जेल में बंद है और उसे कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है. बिंदु ने याचिका में कहा है कि वह निमिषा के बच्चे का ध्यान रख सकती है. निमिषा और उसका बेटा साल 2019 से अफगानिस्तान की जेल में बंद हैं.

अफगानिस्तान की जेल में कैद है निमिषा और उसका बच्चा. (सांकेतिक तस्वीर) अफगानिस्तान की जेल में कैद है निमिषा और उसका बच्चा. (सांकेतिक तस्वीर)
विवेक राजगोपाल
  • तिरुवनंतपुरम,
  • 04 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 9:10 AM IST
  • 2019 से अफगानिस्तान की जेल में बंद है निमिषा
  • आईएसआईएस में शामिल होने के लिए छोड़ा था देश
  • 2019 में अफगानिस्तान सरकार के समक्ष किया सरेंडर

तिरुवनंतपुरम की रहने वाली के. बिंदु ने अपनी बेटी निमिषा फातिमा और उसके चार साल के बच्चे की स्वदेश वापसी की मांग करते हुए केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. निमिषा आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ने के लिए केरल छोड़कर चली गई थी.

हैबियस कॉर्पस याचिका  के जरिए मांग की गई है कि कोर्ट केंद्र सरकार को निमिषा को वापस भारत लाने का निर्देश दे. निमिषा फिलहाल अफगानिस्तान की जेल में बंद है और उसे कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है.

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के. बिंदु ने याचिका में कहा है कि वह निमिषा के बच्चे का ध्यान रख सकती है. निमिषा और उसका बेटा साल 2019 से अफगानिस्तान की जेल में बंद हैं.

केंद्र सरकार ने नहीं उठाए कदम

याचिका में बिंदु ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए हैं कि निमिषा और उसके बेटे को वापस भारत लाए जाने के लिए केंद्र की तरफ से अबतक कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है. याचिका में तर्क दिया गया है कि बच्चों सहित भारतीय नागरिकों को वापस लाने में विफलता नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी और अंतरराष्ट्रीय समझौतों की शर्तों के खिलाफ है. 

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ​​सोनिया सेबेस्टियन, मेरिन जैकब, निमिषा फातिमा और रफीला और उनके बच्चों को अफगानिस्तान की जेलों से वापस लाने का कड़ा विरोध कर रही हैं. इस मुद्दे को लेकर काफी संशय है. केंद्र सरकार ने अभी तक इस संबंध में किसी राजनीतिक निर्णय की घोषणा नहीं की है. विपक्षी दलों में से किसी ने भी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है.

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साल 2016-17 के दौरान चार मलयाली महिलाओं ने आईएसआईएस में शामिल होने के लिए देश छोड़ दिया था. वे पहले ईरान पहुंचीं और फिर अफगानिस्तान. इन चारों महिलाओं के पति आईएसआईएस बेस पर अमेरिकी हमले में मारे गए जिसके बाद महिलाओं और बच्चों समेत 408 लोगों ने अफगानी सरकार के समक्ष सरेंडर कर दिया. 

साल 2019 में आईएसआईएस कार्यकर्ताओं समेत इन चार मलयाली महिलाओं ने भी सरेंडर किया जिसके बाद अफगानिस्तान ने भारत सरकार से इन महिलाओं के स्वदेश वापसी के लिए कहा था.

 

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