
राज्यसभा में बजट सत्र के नौवें दिन की कार्यवाही के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ. नारेबाजी करते हुए विपक्ष के सांसद वेल में आ गए. हंगामा करते विपक्ष के सांसद आसन के सामने आए तो सभापति जगदीप धनखड़ ने सभी से अपनी सीट पर वापस जाने की अपील की. जगदीप धनखड़ ने विपक्ष के सदस्यों को ये चेतावनी भी दी कि आप मुझे नेम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं.
सभापति जगदीप धनखड़ ने इसके बाद नासिर हुसैन, इमरान प्रतापगढ़ी, केतकरजी, राजीव रंजन, रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश, तुलसी, केसी वेणुगोपाल, प्रदीप भट्टाचार्य, नीरज डांगी, दीपेंद्र हुड्डा को नेम कर दिया. उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को सदन की कार्यवाही से बाहर करने के लिए नेम करता हूं.
जगदीप धनखड़ की ओर से जैसे ही विपक्ष के इन सांसदों को नेम करने का ऐलान किया गया, विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि अडानी को भी नेम कीजिए. सभापति जगदीप धनखड़ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दिन ब दिन जिस तरह से विपक्ष के नेता की ओर से आसन को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह सही परंपरा स्थापित नहीं कर रहा है.
राज्यसभा के सभापति ने कहा कि जब हमने दोपहर में विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर चैंबर में चर्चा के लिए समय दे दिया है, इसके बाद भी इस तरह का व्यवहार सही नहीं है. उनकी ओर से नेम किया जाने का ऐलान किए जाने के बाद विपक्ष की ओर से शेम शेम के नारे लगाए गए.
इस पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नाराजगी जताई. उन्होंने अपने भाषण निकाले जाने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि भाषण के अंश नहीं, आप भले ही मेरी सदस्यता खारिज कर दीजिएगा. लेकिन मैं अपने दिल की बात कहूंगा. इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया. सदन की कार्यवाही जारी है.