
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के स्थानीय प्रशासन पर हिरासत में लेने का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने पीडीपी अध्यक्ष की ओर से श्रीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को विफल कर दिया गया है. पुलिस बल ने पत्रकारों को उनके घर के अंदर जाने से रोक दिया. महबूबा के आरोप पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सफाई देते हुए कहा है कि पीडीपी नेता हाउस अरेस्ट नहीं हैं
महबूबा ने ट्वीट कर कहा, 'हम डीडीसी के मतदान से एक दिन दूर हैं और यह स्पष्ट है कि प्रशासन यहां विपक्ष के किसी भी रूप का विरोध करने के लिए भय और धमकी का उपयोग कर रहा है.'
उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, 'प्रेस को श्रीनगर में मेरे घर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है. मेरी मनमानी बंदी को लेकर कोई लिखित आदेश भी नहीं है. कश्मीर एक खुली हवा की जेल है, जहां किसी को भी अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार नहीं है.
इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने महबूबा के आरोप पर सफाई देते हुए कहा है कि पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती हाउस अरेस्ट नहीं हैं. उनसे सुरक्षा कारणों से पुलवामा की यात्रा नहीं करने की गुजारिश की गई थी.
इससे पहले पीडीपी प्रमुख और पू्र्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें पिछले दो दिनों से उनके घर के अंदर बंदी बनाकर रखा गया. बीजेपी के खिलाफ गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि उन्हें चुनाव से संबंधित गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवारों को सभी सुविधाएं प्रदान की जा रही थीं.
जम्मू-कश्मीर में डीडीसी चुनाव के मतदान से ठीक एक दिन पहले यह कदम उठाया गया है.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज सुबह एक बार स्थानीय प्रशासन पर उन्हें हिरासत में लेने का आरोप लगाया. महबूबा ने शुक्रवार सुबह ट्वीट करके कहा कि मेरे साथ मेरी बेटी इल्तिजा को भी हाउस अरेस्ट कर दिया गया है, क्योंकि वह वाहीद के परिवार से मिलने जा रही थी.
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महबूबा ने ट्वीट कर कहा, 'मुझे फिर से अवैध रूप से हिरासत में लिया गया. दो दिनों से, जम्मू और कश्मीर प्रशासन मुझे पुलवामा में वाहिद उर रहमान के परिवार के पास जाने की अनुमति देने से इनकार कर कर रहा है. बीजेपी के मंत्रियों और उनके कठपुतलियों को कश्मीर के हर कोने में घूमने की अनुमति मिली है, लेकिन सुरक्षा के मामले में सिर्फ मेरे साथ ही दिक्कत है.'
उन्होंने कहा कि उनकी क्रूरता की कोई सीमा नहीं जानता. वाहीद को आधारहीन आरोपों में गिरफ्तार किया गया और मुझे उनके परिवार को सांत्वना देने की भी अनुमति नहीं मिली. यहां तक कि मेरी बेटी इल्तिजा को भी घर में नजरबंद रखा गया क्योंकि वह भी वाहीद के परिवार से मिलना चाहती थी.
इससे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी और गुपकार गठबंधन के उम्मीदवारों को प्रचार करने से रोका जा रहा है. महबूबा के अनुसार उनके प्रत्याशियों को अलग-अलग लोकेशन पर सुरक्षा में रखा गया है.