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जम्मू-कश्मीर में दुनिया के सबसे ऊंचा चिनाब रेल ब्रिज का काम पूरा, जानिए कब शुरू हो सकता है सफर

कोंकण रेलवे के इंजीनियर दीपक कुमार ने एएनआई को बताया कि रेल सेवा जल्द ही शुरू होगी. उन्होंने कहा कि "आज वैगन टावर रेसाई स्टेशन पर पहुंच गया है. हमें बहुत खुशी और गर्व है कि हम सफल हुए हैं. मजदूर और इंजीनियर लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रहे थे और आज वे आखिरकार सफल हो गए.

 जम्मू-कश्मीर में बनकर तैयार हुआ चिनाब रेल ब्रिज जम्मू-कश्मीर में बनकर तैयार हुआ चिनाब रेल ब्रिज
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2024,
  • अपडेटेड 10:50 PM IST

रेलवे अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने नवनिर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का व्यापक निरीक्षण किया. उत्तर रेलवे दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल पर ट्रेन सेवाएं शुरू करने के लिए तैयार है, जो रामबन जिले के संगलदान और रियासी के बीच बना है. 

कोंकण रेलवे के इंजीनियर दीपक कुमार ने एएनआई को बताया कि रेल सेवा जल्द ही शुरू होगी. उन्होंने कहा कि "आज वैगन टावर रेसाई स्टेशन पर पहुंच गया है. हमें बहुत खुशी और गर्व है कि हम सफल हुए हैं. मजदूर और इंजीनियर लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रहे थे और आज वे आखिरकार सफल हो गए. इस पुल पर जल्द ही रेल सेवा शुरू होगी.' ...," वर्तमान में, ट्रेनें कन्याकुमारी से कटरा तक रेलवे लाइन पर चलती हैं, जबकि कश्मीर घाटी में रेल सेवा बारामूला से संगलदान तक चलती है.

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साल के अंत तक पूरी हो जाएगी परियोजना
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना साल के अंत तक पूरी हो जाएगी. 48.1 किमी लंबे बनिहाल-संगलदान खंड सहित यूएसबीआरएल परियोजना का उद्घाटन 20 फरवरी, 2024 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था. 118 किमी लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड को कवर करने वाली परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन अक्टूबर 2009 में किया गया था.

जून 2013 में 18 किमी लंबे बनिहाल-काजीगुंड खंड और जुलाई 2014 में 25 किमी लंबे उधमपुर-कटरा खंड का उद्घाटन हुआ. चिनाब रेल पुल, जम्मू में चिनाब नदी से 359 मीटर (लगभग 109 फीट) ऊपर बनाया गया था. कश्मीर क्षेत्र, एफिल टॉवर से लगभग 35 मीटर ऊंचा है. 1,315 मीटर लंबा पुल एक व्यापक परियोजना का हिस्सा है जिसका उद्देश्य कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे नेटवर्क द्वारा सुलभ बनाना है.

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