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अफ्रीका के कैमरून में फंसे झारखंड के 27 मजदूर, सरकार से लगाई वतन वापसी की गुहार

अफ्रीका के कैमरून में फंसे 27 मजदूरों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. ऐसी स्थिति में मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके अपनी दुर्दशा बताई है और सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है. इसके साथ ही लोगों ने बकाया वेतन के भुगतान की मांग भी की है.

दक्षिण अफ्रीका में फंसे झारखंड के 27 मजदूर दक्षिण अफ्रीका में फंसे झारखंड के 27 मजदूर
सत्यजीत कुमार
  • रांची,
  • 17 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 2:00 PM IST

झारखंड (Jharkhand) के सरिया, गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिले के कुल 27 मजदूर अफ्रीका के कैमरून में फंसे हुए हैं. जानकारी के मुताबिक अब इन मजदूरों ने सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है. सूबे के प्रवासी मजदूरों के विदेश में फंसे होने का मामला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. इस बार सरिया थाना क्षेत्र के चीचाकी निवासी शुकर महतो सहित झारखंड के 27 प्रवासी मजदूर साउथ अफ्रीका के कैमरून में फंसे हुए हैं. पिछले चार महीने से मजदूरों को कंपनी द्वारा मजदूरी नहीं मिली है. 

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मजदूरों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. ऐसी स्थिति में मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करके अपनी दुर्दशा बताई है. इसके साथ ही सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है. इसके साथ ही लोगों ने बकाया वेतन के भुगतान की मांग भी की है.

 'सामाजिक कार्यकर्ता ने रखी सरकार के सामने मांग...'

इस सिलसिले में प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर काम करनेवाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से मजदूरों के सकुशल वतन वापसी के लिए ठोस कूटनीतिक पहल करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विदेशों में फंसने वाले मजदूरों का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार प्रवासी मजदूर ज्यादा पैसे कमाने की लालच में विदेश जाकर फंस चुके हैं. काफी मशक्कत के बाद उनकी वतन वापसी कराई गई. इसके बावजूद प्रवासी मजदूर पुरानी घटनाओं से सबक नहीं ले रहे हैं.सरकार को मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए रोजगार की व्यवस्था करने की जरूरत है.

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मौजूदा वक्त में अफ्रीका के कैमरून में जो मजदूर फंसे हुए हैं, उसमें गिरिडीह जिला के सरिया थाना क्षेत्रांतर्गत चीचाकी के शुकर महतो, डुमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अतकी के रमेश महतो, विजय कुमार महतो, दूधपनिया के दौलत कुमार महतो, हजारीबाग के बिसुन, जोबार के टेकलाल महतो, खरना के छत्रधारी महतो, भीखन महतो, चानो के चिंतामण महतो, बोकारो जिला के पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के मोहन महतो, डेगलाल महतो, गोविंद महतो, चुरामन महतो, जगदीश महतो, मुरारी महतो, लखीराम, पुसन महतो, गोनियाटो के कमलेश कुमार महतो, महेश कुमार महतो, दामोदर महतो, मुकुंद कुमार नायक, नारायणपुर परमेश्वर महतो, धवैया के अनु महतो, धनेश्वर महतो, रालीबेडा के शीतल महतो और कुलदीप हंसदा शामिल हैं. 

झारखंड सरकार की मंत्री बेबी देवी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग करते हुए पोस्ट किया है कि बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग के 27 मजदूर अफ्रीका के कैमरून शहर में फंसे है. उन्हें चार महीने से वेतन नहीं मिला है. उन्होंने इस सिलसिले में विदेश मंत्रालय से पहल  करने की मांग की है.

अब यह देखने वाली बात होगी कि सरकार इस सिलसिले में क्या कदम उठाती है और अफ्रीका में फंसे हुए 27 मजदूर अपने वतन वापस कब तक आते हैं.

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