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JNU में ABVP और वामपंथी छात्रों में झड़प, यूनिवर्सिटी गवर्निंग बॉडी मीटिंग के दौरान छिड़ा विवाद

दोनों छात्र संगठनों के इन आरोप-प्रत्यारोपों के चलते विश्वविद्यालय में माहौल तनावपूर्ण हो गया है. जहां एक तरफ एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी छात्र ने भगवान राम के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की, तो वहीं वामपंथी छात्रों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

जेएनयू जेएनयू
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:43 AM IST

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में मंगलवार को आयोजित यूनिवर्सिटी गवर्निंग बॉडी मीटिंग (यूजीबीएम) के दौरान वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों के बीच झड़प हो गई. दावा किया जा रहा है कि इस दौरान भगवान राम के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी गई थी.

जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों बैठक के दौरान मंच पर कब्जा कर लिया और जेएनयूएसयू के पदाधिकारियों को जातिगत अपशब्द कहे. जेएनयूएसयू का कहना है कि एबीवीपी ने अध्यक्ष धनंजय, उपाध्यक्ष अविजीत घोष और संयुक्त सचिव मो. साजिद के खिलाफ धमकी भी दी.

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साजिद को 'नजीब' बना देने की धमकी!

आरोपों के मुताबिक, खासतौर पर साजिद को धमकी दी गई कि उन्हें "नजीब" बना देंगे. जेएनयूएसयू के मुताबिक, एबीवीपी सदस्यों ने साजिद को धमकी देते हुए कहा, "तुमको भी नजीब बना देंगे", यह धमकी नजीब अहमद (जेएनयू छात्र जो 2016 में अपने होस्टल से लापता हो गए थे) के संदर्भ में दी गई थी.

यह बैठक इंटर्नल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) के चुनावों में छात्र संघ की भागीदारी पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. जेएनयूएसयू 2017 में समाप्त किए गए जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट (जीएसकैश) की जगह आईसीसी स्थापित करने का विरोध करता रहा है, लेकिन एबीवीपी के विरोध की वजह से बैठक को 2:30 बजे स्थगित करना पड़ा.

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ABVP ने भगवान राम पर अपमानजनक टिप्पणी का किया दावा

एबीवीपी ने वामपंथी छात्रों पर भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया. एबीवीपी के एक बयान के मुताबिक, यूजीबीएम के दौरान एक वामपंथी सदस्य ने कहा कि "सावरकर और 'नीच' राम" एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के रोल मॉडल हैं. एबीवीपी ने जोर देकर कहा कि वे इस तरह के सामुदायिक असंतोष फैलाने की कोशिशों का विरोध करते हैं.

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