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इस सत्र में नहीं आएगा वक्फ बिल, बढ़ा JPC का कार्यकाल, जानिए अब संसद में कब पेश होगी रिपोर्ट

वक्फ बिल पर गठित जेपीसी 29 नवंबर को अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करने वाली थी. चालू सत्र के एजेंडे में वक्फ बिल भी था. लेकिन अब जेपीसी का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. इससे संबंधित प्रस्ताव संसद से पारित हो गया है. अब जेपीसी अपनी रिपोर्ट कब सौंपेगी? जानिए.

Jagdambika Pal Jagdambika Pal
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

संसद के चालू शीतकालीन सत्र के पहले हफ्ते के अंतिम दिन संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को वक्फ बिल पर अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करनी थी. यह इस सत्र के एजेंडे में भी शामिल था. जेपीसी में शामिल विपक्षी दलों के सांसद कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे थे लेकिन इस समिति की अगुवाई कर रहे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद जगदंबिका पाल का दावा था कि हमारी रिपोर्ट तैयार है.

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जेपीसी की रिपोर्ट सदन में पेश किए जाने से एक दिन पहले इसका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. जेपीसी के प्रमुख जगदंबिका पाल ने और समय की मांग करते हुए कार्यकाल बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया जिसे पारित कर दिया गया है. जेपीसी अब चालू शीतकालीन सत्र के पहले हफ्ते के अंतिम दिन यानी 29 नवंबर की जगह बजट सत्र 2025 के अंतिम दिन अपनी रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करेगी.

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विपक्षी दलों के हंगामे के बीच वक्फ बिल पर बनी जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव पारित होने के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार की निंदा की. किरेन रिजिजू ने कहा कि सारे विपक्ष के नेता और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों ने जो बिल आने वाले हैं, उनके लिए समय निर्धारित किया था. हमने यह आग्रह भी किया था कि जो बिल आने हैं उन पर चर्चा के लिए उचित समय दिया जाए.

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उन्होंने कहा कि इसके अलावा जो अलग-अलग मुद्दे आने वाले हैं, उन पर भी चर्चा के लिए अलग रूल बने हुए हैं. यहां कांग्रेस पार्टी और उसके साथियों ने हंगामा करके अपने ही बनाए रूल को तोड़ने का जो काम किया है, इसकी निंदा करता हूं. ये सही नहीं है. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने आगे कहा कि सभी दलों ने आग्रह किया कि जिन मुद्दों की हियरिंग जेपीसी ने किया है, उसके लिए समय चाहिए. बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है. हम इस पर भी राजी हो गए. यह प्रस्ताव जब आया, खुद कांग्रेस पार्टी हंगामा कर रही है जो उचित नहीं है.

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