
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई द्वारा जांच के लिए सहमति वापस लेने के राज्य सरकार के कदम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया.
कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी और विपक्षी बीजेपी विधायक बसंगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्होंने शिवकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के लिए सहमति वापस लेने के सिद्धारमैया सरकार के फैसले को चुनौती दी थी. पिछले हफ़्ते कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले की जांच के लिए लोकायुक्त पुलिस के सामने पेश हुए थे.
बता दें कि फरवरी में, लोकायुक्त पुलिस ने शिवकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जब राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने नवंबर 2023 में उनके खिलाफ डीए मामले की जांच के लिए सीबीआई से सहमति वापस ले ली थी और मामले को उसके पास भेज दिया था.
15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने डीके शिवकुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को चुनौती दी थी. कोर्ट ने कहा कि वह हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं कर सकता.
अक्टूबर 2023 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और संघीय एजेंसी को मामले की जांच पूरी करने और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. सीबीआई ने सितंबर 2020 में शिवकुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2013 और 2018 के बीच आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की. वह उस दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री थे.