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कर्नाटक हाईकोर्ट में PFI पर बैन के खिलाफ याचिका खारिज, केंद्र ने UAPA के तहत लगाया हुआ है प्रतिबंध

सिंगल बेंच के जस्टिस नागप्रसन्ना ने बुधवार 30 नवंबर को फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी है. पीएफआई की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष नासिर पाशा ने यूएपीए के तहत पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी.

पीएफआई की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष ने याचिका दायर की थी पीएफआई की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष ने याचिका दायर की थी
सगाय राज
  • बेंगलुरु,
  • 30 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पीएफआई पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है. दरअसल, तिहाड़ जेल में बंद पीएफआई की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष नासिर पाशा ने 27 अक्टूबर को यह याचिका दायर की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने 28 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सिंगल बेंच के जस्टिस नागप्रसन्ना ने बुधवार 30 नवंबर को फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी है. नासिर पाशा ने यूएपीए के तहत पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी.

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बता दें कि सितंबर में NIA के अगुवाई में जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में छापेमारी कर बड़ी संख्या में कथित पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था. इसके साथ ही कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया था. इस दौरान 11 राज्यों में बड़ी संख्या में पीएफआई कार्यकर्ताओं पर देश में कथित रूप से आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में शिकंजा कसा गया था. केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, दिल्ली और राजस्थान में कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था.

गौरतलब है कि सरकार ने आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी समूहों के साथ "लिंक" होने का आरोप लगाते हुए पीएफआई और उसके कई सहयोगी संगठनों को 28 सितंबर को कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. संगठन के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इसके बाद से ही जांच एजेंसी इससे जुड़े लोगों पर लगातार शिकंजा कसने का काम कर रही है.

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