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कर्नाटक के रामनगर से 'रामनगरी' तक लाई जाएगी चांदी की ईंट, अयोध्या से वापस ले जाएंगे पवित्र भूमि

कर्नाटक के रामनगर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण 14 दिसंबर को 150 लोगों के साथ अयोध्या के लिए रवाना होंगे. यहां वह राम लला की पूजा करने के बाद उन्हें चांदी की ईंट भेंट करेंगे. इसके अलावा मां सीता को भी खास वस्त्र अर्पित करेंगे. मालूम हो कि अगले साल तक राम लाल भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे.

रामनगर जिले से 150 लोगों की टीम बुधवार को अयोध्या के लिए होगी रवाना रामनगर जिले से 150 लोगों की टीम बुधवार को अयोध्या के लिए होगी रवाना
नागार्जुन
  • बेंगलुरु,
  • 13 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 9:23 PM IST

कर्नाटक के रामनगर जिले से 150 लोगों की एक टीम बुधवार शाम को अयोध्या के लिए रवाना होगी. वह वहां पहुंचकर भगवान श्रीराम को चांदी की ईंट चढ़ाई जाएगी. जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण के नेतृत्व में यह टीम रवाना होगी. अयोध्या में गुरुवार को पूजा की जाएगी. जानकारी के मुताबिक रेशम के लिए विख्यात रामनगर में तैयार की गई एक रेश्मी साड़ी मां सीता को भी भेंट की जाएगी. वहीं भगवान श्री राम और लक्ष्मण को शल्य की पेशकश की जाएगी. प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिस चांदी की ईंट को चढ़ाने के लिए ले जाया जाएगा, उसकी पूजा रामदेवरा बेट्टा और कालेंगल हनुमंतरा मंदिर में की गई है.

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रामनगर शहर का नाम भगवान श्री राम के नाम पर रखा गया है. रामनगर के रामदेवरा बेट्टा और अयोध्या के बीच एक पारंपरिक संबंध है. स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पवित्र मिट्टी अयोध्या में एकत्र की जाएगी और उसे यहां रामदेवरा बेट्टा में चढ़ाने के लिए लाया जाएगा. इसके अलावा, रामदेवरा बेट्टा को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.

जनवरी में भव्य मंदिर में विराजमान होंगे रामलला

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का प्रथम तल दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा और जनवरी 2024 में रामलला अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. मंदिर भले ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन मंदिर पूरी तरह बनकर 2025 में तैयार होगा. 

अयोध्या में लागू होगा कॉमन बिल्डिंग कोड

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के आस-पास के इलाकों में कॉमन बिल्डिंग कोड लागू करने का आदेश दिया है. इसके तहत राम मंदिर के आस-पास की सभी इमारतें एक ही शेप और रंग में बनाई जाएंगी. इसके अलावा उन्होंने अयोध्या को सुनियोजित शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्तावित महायोजना-2031 का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि महायोजना के मूल में ईज ऑफ लिविंग हो. 

सीएम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि के आस-पास के क्षेत्र को धार्मिक भू-उपयोग के रूप में प्रस्तावित किया जाए. यहां के प्राचीन कुंडों के संरक्षण की कार्ययोजना समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए. त्रेतायुगीन ऋषियों, विदुषी नारियों व अन्य महान चरित्रों के नाम पर अयोध्या में चौराहों के नाम होंगे. वहीं सीएम ने सख्त अंदाज में कहा कि अयोध्या में अनियंत्रित विकास को हर दशा में रोका जाए. ऐसी गतिविधियां स्वीकार नहीं की जाएंगी.

जन्मभूमि परिसर बढ़ाने की तैयारी

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने पिछले महीने कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए अभी जो जमीन मिली है, उसे 108 एकड़ तक बढ़ाया जाएगा, क्योंकि हिंदू समाज का पवित्रतम अंक 108 माना गया है. इस पर ट्रस्ट के सदस्यों की बीच सहमति भी बन चुकी है यानी इसका साफ मतलब है कि या तो रामजन्मभूमि परिसर से सटे कुछ क्षेत्रों का अधिग्रहण किया जाएगा या राम मंदिर ट्रस्ट सहमति बनाकर परिसर का क्षेत्र बढ़ाएगा.

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मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अधिग्रहीत 67.703 एकड़ भूमि राम मंदिर निर्माण के लिए नवगठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी गई थी. हालांकि ट्रस्ट ने उस भूमि से सटे कुछ मंदिर और उनकी भूमि को भी खरीदा था, जिससे श्री राम जन्मभूमि परिसर का दायरा बढ़ गया है.

1800 करोड़ में तैयार होगा राम मंदिर

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सदस्य पिछले दिनों बताया था कि राम मंदिर को बनाने में 1800 करोड़ रुपये लगने वाले हैं. हर हिंदू भगवान को इस मंदिर में उचित स्थान और जगह दी जाएगी. इन मंदिरों के निर्माण के लिए राम मंदिर के आसपास 70 एकड़ का इलाका भी चयनित कर लिया गया है. मंदिर में दो मंजिला एक परिक्रमा सड़क का भी निर्माण किया जा रहा है. मंदिर के पूर्वी भाग में तो सैंडस्टोन से बना एक द्वार भी रखा जाएगा.

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