
फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' पर बयान देकर विवादों में आए इजराइली फिल्म मेकर और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) 2022 के जूरी प्रमुख नदव लैपिड (Nadav Lapid) के खिलाफ जम्मू में विरोध तेज हो गया है. कश्मीरी पंडितों ने बुधवार को जम्मू में प्रदर्शन किया. इस दौरान विरोध कर रहे योगेश पंडित कहते हैं, "कश्मीर फाइलें तो 5% ही थी, उन्होंने (नदव लैपिड) 95% नहीं देखा कि क्या हुआ. इसके अलावा वहीं उन्होंने भारत में इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन के बयान का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने नदव लैपिड की टिप्पणी की निंदा की थी.
मैंने वही कहा, जो मुझे करना चाहिए था...
इससे पहले नदव लैपिड ने कश्मीर फाइल्स के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर आजतक से बात की. उन्होंने कहा- मैं अभी दोहा एयरपोर्ट पर एक फ्लाइट पकड़ने जा रहा हूं. मुझे वास्तव में लगता है कि मैंने वह सब कुछ कह दिया है, जो मुझे कहना था. मैं भारतीय नहीं हूं और इस मामले में चर्चा करने को लेकर कंफर्टेबल हूं. फिलहाल मैंने वही किया जो मुझे करना चाहिए था...धन्यवाद.
उन्होंने 'द कश्मीर फाइल्स' को वल्गर और प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया था. IFFI जूरी प्रमुख नदव लैपिड ने पिछले दिनों गोवा में आयोजित 53वें फिल्म फेस्टिवल समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने फिल्म हो लेकर बयान दिया,'हम सभी परेशान हैं. यह हमें एक 'प्रोपेगेंडा, वल्गर फिल्म' की तरह लगी. जो कि इस तरह की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के कलात्मक और प्रतिस्पर्धी वर्ग के लिए किसी तरह से भी ठीक नहीं है.
उन्होंने कहा कि मैं इन भावनाओं को मंच पर खुले तौर पर साझा करने में पूरी तरह से सहज महसूस करता हूं. यह एक महत्वपूर्ण चर्चा है, जो कि बिना झिझक के करना चाहिए. इसके साथ ही ये कला और जीवन के लिए जरूरी है.
आपको शर्म आनी चाहिए: इजराइली राजदूत
भारत में इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कश्मीर फाइल्स की आलोचना करने पर IFFI के जूरी हेड नदव लैपिड को ओपन लेटर लिखा है. उन्होंने कहा कि यह भारतीयों को समझ में आए, इसलिए मैं इसे हिब्रू भाषा में नहीं लिख रहा हूं. उन्होंने नदव लैपिड को लताड़ लगाते हुए कहा, आपको शर्म आनी चाहिए. भारतीय संस्कृति में मेहमान को भगवान कहा जाता है.
उन्होंने आगे लिखा- आपने IFFI Goa में जजों के पैनल की अध्यक्षता करने के लिए भारतीय निमंत्रण के साथ-साथ उनके भरोसे, सम्मान और गर्मजोशी भरे स्वागत का सबसे खराब तरीके से दुरुपयोग किया है. हमारे भारतीय मित्रों ने भारत में इजराइल के प्रति प्रेम दिखाने के लिए हमें बुलाया था. शायद यही वह है कि उन्होंने आपको एक इजराइली और मुझे इजराइल के राजदूत के तौर पर आमंत्रित किया था.
उन्होंने कहा कि हमने मंच से दोनों देशों के रिश्तों और समानता की बात की. मंच से भारत के मंत्री और मैंने कहा कि दोनों देशों में समानता है कि हम एक जैसे दुश्मन से लड़ते हैं और हमारे पड़ोसी बुरे हैं.
(रिपोर्ट: नीरज)