
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान जम्मू कश्मीर में पर्यटन को लेकर कई सदस्यों ने सवाल किए. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने सरकार की ओर से इन सवालों के जवाब दिए. यूपी के बीजेपी सांसद डॉक्टर दिनेश शर्मा ने जम्मू कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज लागू किए जाने को लेकर सवाल किया. इसके जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज 2015 में दिया गया. 15 मंत्रालयों की ओर से 58 हजार 477 करोड़ रुपये से विकास को गति दिया जा रहा है. 53 परियोजनाएं शुरू की गई थीं जिनमें से 35 परियोजनाएं पूरी हो गई हैं या पूरी होने की स्थिति में आ गई हैं. एम्स, आईआईएम जम्मू समेत कई परियोजनाएं पूरी की गई हैं. पीओके से विस्थापित और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को भी इस पैकेज से लाभ मिल रहा है.
दिनेश शर्मा ने कश्मीरी पंडितों को नौकरी और आवास दिए जाने को लेकर भी पूरक प्रश्न पूछा. इसके जवाब में नित्यानंद राय ने कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार का जिक्र करते हुए साजिश के तहत, वोटबैंक की राजनीति के तहत जो अत्याचार हुए थे, उसकी वजह से कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ था. उन्होंने सदन को बताया कि दो हजार से अधिक फ्लैट का निर्माण पूरा हो गया है. चार हजार से अधिक फ्लैट का निर्माण चल रहा है. नौकरी का सवाल है तो छह हजार पदों में से 5724 उम्मीदवारों की नियुक्ति कर दी गई है. शेष पदों पर नियुक्ति की जा रही है. उनका पुनर्वास हो, उनको नौकरी मिले, पूरा खयाल रखा जा रहा है. जो भी व्यक्ति विस्थापित हुए हैं, उनको हम नौकरी देने और पुनर्वास कराने का काम करेंगे.
एनसीपी सांसद फौजिया खान ने टूरिज्म के अनरेग्युलेटेड होने का हवाला देते हुए ईको टूरिज्म पॉलिसी को लेकर सवाल किया. इसके जवाब में नित्यानंद राय ने कहा कि 2023 में 2 करोड़ 11 लाख पर्यटक गए हैं. सफाई और शांति का माहौल है तभी वहां पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. वहां पर्यटकों का पूरा खयाल रखा जा रहा है. हम अभी कुछ ही दिन पहले श्रीनगर गए थे. उन्होंने फौजिया खान की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि ये चाहती हैं कि पर्यटक जम्मू कश्मीर में न जाएं.
प्रमोद तिवारी ने उठाया आतंकी गतिविधियों का मुद्दा
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने जम्मू और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का मुद्दा उठाया और पूछा कि पिछले 10 दिनों में यहां कितने सैनिक शहीद हुए हैं. मंत्रीजी यही बता दें जानकारी हो तो. इस पर सभापति ने उन्हें टोका और कहा कि टूरिज्म को लेकर सवाल कीजिए. इस पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब कोई टूरिस्ट जाता है तो उसके दिमाग में सुरक्षा भी होती है. इस पर सभापति ने उन्हें टोका. जगदीप धनखड़ ने कहा कि मंत्रीजी, माननीय सदस्य यह जानना चाहते हैं कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए आपने क्या इंतजाम किए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई प्रश्न किसी विषय पर है तो यह मंत्री और सदस्य तय नहीं करेंगे कि क्या बोला जाएगा. उस विषय पर ही बोला जाएगा. ये वो विषय नहीं है.
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पिछले कुछ दिनों में मारे गए हैं 28 आतंकी
इसका जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पर्यटन कश्मीर में बढ़ा है. क्रमबद्ध बढ़ रहा है. कोविड के कालखंड में कुछ घटे थे लेकिन 2014 से 2023 और 24 तक रिकॉर्ड बना है. 2004 से 2014 तक इनका जो कालखंड था, उसको भी याद करें. पर्यटक जाने से कतराते थे. जहां तक सुरक्षा का सवाल है, पिछले कुछ दिनों में वहां 28 आतंकी मारे गए हैं. इन घटनाओं में हमारे कुछ फौजियों की भी मौत हुई है जो दुखद है. आतंकियों के मुकाबले शहीद सैनिकों की संख्या बहुत कम है.
मंत्री ने गिनाए यूपीए काल के आंकड़े
नित्यानंद राय ने यूपीए काल की आतंकी घटनाओं के आंकड़े भी गिनाए और कहा कि 2004 से 2014 तक कुल आतंकी घटनाएं 7217 हुई थीं. 2014 से 21 जुलाई तक 2259 आतंकी घटनाएं हुई हैं जो नहीं होनी चाहिए. दुखद हैं लेकिन इस पर वह राजनीति न करें. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की आतंकियों को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति है. उसको समाप्त कर देंगे. या तो वह जेल में रहेगा या जहन्नुम में, आश्वस्त करना चाहता हूं. नित्यानंद राय ने यूपीए काल और एनडीए की सरकार के समय नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु के आंकड़े भी सदन में बताए.
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उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी और नागरिक, दोनों मिलाकर इनके जमाने में 2004 से 2014 तक 2829 हुए थे. और इन 10 वर्षों में 941 हुई है और 67 प्रतिशत की कमी आई है. आपराधिक घटनाओं में 69 प्रतिशत की कमी आई है. 370 हटने के बाद अपनी सेना ने जम्मू कश्मीर में लगभग 900 आतंकियों को मारा है. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि ये बात करते हैं आतंकवाद की, आतंकवाद की नींव तो देश की आजादी और बंटवारे के साथ ही पड़ गई थी. आज वहां स्कूल, कॉलेज, अस्पताल खुल रहे हैं. लोग चैन के वातावरण में जी रहे हैं. दीपक बुझने से पहले जैसी स्थिति में आज आतंकी वहां फड़फड़ा रहा है. आतंकी जो कर रहे हैं, उनकी मंशा पूरी नहीं होगी. इनसे आग्रह है कि सीमा सुरक्षा को लेकर वोट के लालच में राजनीति न करें.