Advertisement

तलाक के लिए सालभर तक पति पत्नी का अलग रहना जरूरी नहीं, केरल हाई कोर्ट ने लिया ये बड़ा फैसला

केरल हाईकोर्ट का कहना है कि आपसी सहमति से तलाक की याचिका दायर करने के लिए एक साल तक इंतजार करना मौलिक अधिकार का उल्लंघन है. इसके साथ ही इस धारा को अदालत ने असंवैधानिक घोषित कर दिया. पीठ ने कहा है कि तलाक के लिए इस तय समयावधि का इंतजार करने से नागरिकों की स्वतंत्रता का अधिकार प्रभावित होता है. 

केरल हाईकोर्ट केरल हाईकोर्ट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 10 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:10 AM IST

केरल हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में तलाक अधिनियम 1869 की धारा 10ए को रद्द कर दिया है, जिसमें आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन देने से पहले पति-पत्नी को कम से कम एक साल तक अलग रहना अनिवार्य बताया गया है.

अदालत का कहना है कि आपसी सहमति से तलाक की याचिका दायर करने के लिए एक साल तक इंतजार करना मौलिक अधिकार का उल्लंघन है. इसके साथ ही इस धारा को अदालत ने असंवैधानिक घोषित कर दिया. 

Advertisement

जस्टिस ए मुहम्मद मुस्तकी और जस्टस शोभा अनम्मा की पीठ ने कहा कि तलाक के लिए इस तय समयावधि का इंतजार करने से नागरिकों की स्वतंत्रता का अधिकार प्रभावित होता है. केरल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को वैवाहिक विवादों में पति-पत्नी के सामान्य कल्याण को बढ़ावा देने के लिए भारत में एक समान विवाह संहिता पर गंभीरता से विचार करने का निर्देश भी दिया है.

यह फैसला दरअसल एक युवा ईसाई जोड़े की याचिका पर आया है. इस दंपति की शादी इस साल की शुरुआत में ईसाई रीति-रिवाजों के साथ हुई थी. लेकिन गलती का अहसास होने पर दोनों ने इस साल मई में फैमिली कोर्ट के समक्ष एक्ट की धारा 10ए के तहत तलाक की संयुक्त याचिका दायर की थी.

लेकिन फैमिली कोर्ट ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि इस एक्ट की धारा 10ए के तहत तलाक की याचिका दायर करने के लिए शादी के बाद एक साल तक अलग-अलग रहना अनिवार्य है. 

Advertisement

इसके बाद दंपति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था. दंपति ने इस एक्ट की धारा 10ए(1) को असंवैधानिक घोषित करने के लिए एक रिट याचिका दायर की थी.  हाईकोर्ट का कहना है कि विधानमंडल ने अपनी समझ के अनुरूप इस तरह की अवधि लगाई थी ताकि पति-पत्नी को आवेश या गुस्से में लिए गए फैसलों पर दोबारा गौर करने का समय मिल जाए और शादियां टूटने से बच जाए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement