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केरल नहीं अब 'केरलम' कहिए... बदल सकता है राज्य का नाम, प्रस्ताव पारित, केंद्र की मंजूरी बाकी

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि हमारे राज्य का मलयालम में नाम केरलम है. “1 नवंबर, 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया था. केरल का जन्मदिन भी 1 नवंबर को है. मलयालम भाषी समुदायों के लिए एक संयुक्त केरल बनाने की जरूरत राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही दृढ़ता से उभरी थी.

केरल के सीएम पी. विजयन. (File) केरल के सीएम पी. विजयन. (File)
शिबिमोल
  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2024,
  • अपडेटेड 8:20 PM IST

भारत के दक्षिणी राज्य केरल नाम बदलकर जल्दी ही अब 'केरलम' हो सकता है. केरल विधानसभा ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया और केंद्र से राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर 'केरलम' करने का आग्रह किया. विधानसभा ने दूसरी बार प्रस्ताव पारित किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पहले प्रस्ताव की समीक्षा की थी और कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था. बीते साल भी केरल विधानसभा ने ऐसा प्रस्ताव पारित किया था.

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विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
जानकारी के मुताबिक, केरल राज्य विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य का नाम केरल से बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव पारित किया है. प्रस्ताव को विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और सत्ता पक्ष ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रस्ताव पेश कर केंद्र से संविधान में राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का आग्रह किया.  यही प्रस्ताव अगस्त 2023 में विधानसभा में अपनाया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे दोबारा पेश करना पड़ा. 

सीएम पी. विजयन ने कही ये बात
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि हमारे राज्य का मलयालम में नाम केरलम है. “1 नवंबर, 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया था. केरल का जन्मदिन भी 1 नवंबर को है. मलयालम भाषी समुदायों के लिए एक संयुक्त केरल बनाने की जरूरत राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही दृढ़ता से उभरी थी. लेकिन हमारे राज्य का नाम संविधान की पहली अनुसूची में केरल के रूप में लिखा गया है”. उन्होंने कहा कि विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से अनुरोध करती है कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत इसे 'केरलम' के रूप में संशोधित किया जाए और इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी भाषाओं में 'केरलम' के रूप में बदल दिया जाए. यही प्रस्ताव पिछले साल पारित किया गया था लेकिन पिछले प्रस्ताव में तकनीकी त्रुटियों के कारण इसे दोबारा पेश करना पड़ा था.

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यूपी-एमपी में बदले गए हैं शहरों के नाम
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी शहरों, मोहल्लों और चौराहों का नाम बदला जा चुका है. यूपी की योगी सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया है तो वहीं एमपी सरकार ने होशंगाबाद जिले का नाम बदलकर नर्मदापुरम कर दिया है. इसके साथ ही यूपी में नवाबों के शहर लखनऊ के नाम में भी बदलाव करने की चर्चा होती रही है. बीते साल बीजेपी सांसद संगम लाल गुप्ता की तरफ से यह मांग की गई थी कि लखनऊ का नाम बदल लक्ष्मणपुर या लखनपुर कर दिया जाए. उनका तर्क था कि भगवान राम ने लक्ष्मण को लखनऊ सौंपा था, ऐसे में उन्हीं के नाम पर इस शहर की पहचान होनी चाहिए थी.

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