
कोलकाता के फर्जी टीकाकरण केस (Fake Vaccination Racket) में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया है. कोलकाता पुलिस के बाद अब ईडी भी मामले की जांच करने जा रही है और उनकी तरफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत शिकायत दर्ज कर ली गई है. इस मामले में ईडी की एंट्री तब हुई है जब कोलकाता पुलिस द्वारा पहले ही 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसमें मुख्य आरोपी देबांजन देब का नाम भी शामिल है.
फर्जी टीकाकरण मामले में ईडी करेगी जांच
देबांजन देब पर आरोप है कि उसने खुद को नकली IAS अफसर बता कोलकाता में फर्जी टीकाकरण कैंप लगाए थे. कई लोगों को फर्जी वैक्सीन भी लगा दी गई थी. जब मामले ने तूल पकड़ा तब जाकर पुलिस एक्शन में आई और देबांजन और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया. उस समय बताया गया था कि देबांजन एक पुराना अपराधी है जो पहले भी कई जुर्म कर चुका है. देबांजन ने एक बार फर्जी IAS अफसर बन रेड की थी और बाद में अखबार में अपनी फोटो भी छपवाई. वहीं देबांजन और उसके साथियों पर हत्या करने का प्रयास जैसा गंभीर आरोप भी लगा हुआ है.
ऐसे में अब जब ईडी की इस मामले में एंट्री हो गई है तो कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं. मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज हो गया है और जल्द ही आरोपियों से सवाल-जवाब का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा. इस पूरी घटना ने बंगाल की सियासत को भी गरमा दिया है. इस एक केस ने फिर बीजेपी बनाम टीएमसी की जंग को धार दे दी है. कुछ दिन पहले ही सड़कों पर बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया था.
बीजेपी की मांग, सीबीआई करे जांच
उन्होंने ममता सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके राज्य में नकली वैक्सीन लगाई जा रही हैं और कानून व्यवस्था को लेकर भी कोई सख्ती नहीं है. उस प्रदर्शन में बीजेपी के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था. शुभेंदु अधिकारी से लेकर दिलीप घोष तक, सभी ने राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया था. बीजेपी की तरफ से इस मामले में भी सीबीआई जांच की भी मांग उठाई गई है. उस विरोध प्रदर्शन के बाद बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में भी लिया गया था.