
देश के दो हिस्सों पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में हुई घटनाओं ने पूरे देश को दहला कर रख दिया है. जहां एक ओर कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या से देशभर में सनसनी है तो महाराष्ट्र के बदलापुर में स्कूल से ऐसी ही घटना सामने आई जिससे लोगों में आक्रोश है.
कोलकाता और बदलापुर में पकड़े गए आरोपियों की फैमिली लाइफ में कई हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं. इन तथ्यों के सामने आने से आरोपियों के अपराधों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में बनी हुई है. इन दोनों आरोपियों की पारिवारिक जिंदगी किसी रहस्यमयी और झोलभरी कहानी से कम नहीं है, जिसमें एक ने चार शादियां की थीं, जबकि दूसरे ने दो बार शादी की थी.
कोलकाता का आरोपी: चार शादियां
कोलकाता के आरजीकर अस्पताल में हुए रेप-मर्डर कांड में जिस आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया है, पुलिस ने उसकी कुंडली भी निकाल कर सामने रख दी है. आरोपी की जिंदगी में चार पत्नियों की मौजूदगी ने सभी को हैरान कर दिया है. उसकी पहली शादी तब हुई जब वह काफी युवा था. कुछ रिपोर्ट्स में उसके बच्चों के होने की बात भी कही जाती है, लेकिन इसे लेकर स्पष्ट जानकारियां नहीं हैं.
संजय रॉय के परिवार में केवल उसकी मां
इस जटिल पारिवारिक संरचना ने पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए भी एक चुनौती खड़ी कर दी है. जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चार शादियां की थीं. हालांकि उसके गंदे आचरण की वजह से तीन पत्नियां छोड़कर जा चुकी थीं, जबकि चौथी पत्नी की पिछले साल कैंसर से मौत हो चुकी है. आरोपी संजय रॉय के परिवार में उसकी मां भी हैं. हालांकि संजय उनके साथ नहीं रहता था.
वारदात की रात भी आरोपी ने की थी छेड़छाड़
जांच में यह भी सामने आया था कि, कत्ल से पहले और क़त्ल के बाद भी आरोपी दूसरी लड़कियों के साथ बदतमीज़ी और छेड़छाड़ करता रहा. रॉय को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने जब पिछले 24 घंटे की उसकी हरकतों की स्कैनिंग शुरू की, तो उसके बारे में ऐसी-ऐसी जानकारियां निकल कर सामने आईं, जिन्होंने जांच अधिकारियों को भी सन्नाटे में डाल दिया. तफ्तीश में पता चला कि संजय रॉय वारदात वाली रात अस्पताल के पास ही एक रेड लाइट एरिया में भी गया था और वहां लौटते हुए उसने रास्ते में भी एक लड़की से छेड़छाड़ की थी. यहां तक कि रेप और क़त्ल की वारदात के बाद भी उसने एक महिला को फोन किया और उसके साथ भी उसका व्यवहार एक पर्वर्ट की तरह ही रहा.
रेड लाइट एरिया भी गया था संजय रॉय
तफ्तीश में पता चला है कि इस वारदात को अंजाम देने के बाद संजय ने एक महिला को फोन किया, जिसे उसने दीदी कह कर संबोधित किया, मगर हक़ीक़त यही है कि उसने इस महिला के साथ भी बदतमीज़ी से बात की. अस्पताल से बरामद एक सीसीटीवी फुटेज में 8 अगस्त की रात को संजय रॉय अस्पताल से बाहर निकलता हुआ दिख रहा है.
छानबीन में पता चला कि रात को अस्पताल से निकलने के बाद अपने एक सिविक वॉलेंटियर दोस्त के साथ पहले सोनागाछी के रेड लाइट एरिया में गया. वहां उसका दोस्त तो एक जिस्मफरोशी के अड्डे में चला गया, लेकिन संजय बाहर की खड़ा रहा. इसके बाद दोनों वहां से फिर साउथ कोलकाता के एक दूसरे रेड लाइट एरिया चेतला में गए. लेकिन यहां भी संजय का दोस्त अड्डे के अंदर चला गया और वो बाहर ही खड़ा रहा. और फिर यहीं से वापसी के दौरान उसने एक लड़की से छेड़छाड़ की और उससे उसकी न्यूड तस्वीरें मांगी.
बदलापुर के आरोपी ने भी की हैं दो शादियां
अब चलें बदलापुर. महाराष्ट् के बदलापुर में जिस तरह की घटना सामने आई है, परिवार के मामले में यह आरोपी भी कोलकाता कांड के आरोपी संजय से कुछ अलग नहीं है. इस आरोपी की भी पहली शादी को कई साल हो चुके थे, लेकिन कुछ समय बाद उसने दूसरी शादी कर ली. 2 बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार आरोपी अक्षय शिंदे ने 2 शादियां की थीं, आरोपी की पहली पत्नी ने उसकी गलत आदतों से तंग आकर छोड़ दिया था, इसके बाद आरोपी ने चार महीने बाद ही दूसरी शादी कर ली थी.
आरोपी के पड़ोसी ने कहा कि अक्षय ने हाल ही में शादी की और अपने भाई और मां के साथ रहता था, शादी करीब 4 महीने पहले हुई थी. यह उसकी दूसरी शादी थी, उसकी पहली पत्नी ने उसकी आदतों और उनके बीच घरेलू मुद्दों के कारण उसे छोड़ दिया था. अक्षय शिंदे की गिरफ्तारी के बाद परिवार के सदस्यों ने तुरंत इलाका छोड़ दिया और घर को लॉक करके कहीं चले गए.
पुलिस की जांच और सामाजिक प्रतिक्रिया
इन दोनों दरिंदों की फैमिली लाइफ की जटिलताओं ने पुलिस की जांच को और भी कठिन बना दिया है. उनकी शादियों और पारिवारिक संबंधों की गहराई से पड़ताल की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि इन अपराधियों की मानसिकता पर पारिवारिक जीवन का क्या प्रभाव था. सामाजिक दृष्टिकोण से, ये खुलासे समाज के उन पहलुओं को भी उजागर करते हैं, जिन्हें आमतौर पर नजरअंदाज किया जाता है. इन मामलों ने यह सवाल उठाया है कि क्या इन दोनों ही मामलों में दोनों व्यक्तियों के अपराधी बनने की राह में उनकी पारिवारिक परिस्थितियों का कोई योगदान माना जा सकता है?