
कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ दरिंदगी और हत्या के मुख्य आरोपी संजय रॉय को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आरोपी ने 4 शादियां की थीं, लेकिन उसकी पिछली तीन पत्नियों ने संजय को इसलिए छोड़ दिया था क्योंकि उसका गलत आचरण था. ये दावा उसके पड़ोसियों ने आजतक से बातचीत में किया.
आरोपी संजय रॉय के पड़ोसियों के मुताबिक उसने 4 शादियां की थीं. उसकी तीन पत्नियां उसके दुर्व्यवहार के कारण उसे छोड़कर चली गई थीं. जबकि चौथी पत्नी की पिछले साल कैंसर से मौत हो गई थी. पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी अक्सर देर रात नशे की हालत में घर लौटता था.
हालांकि संजय रॉय की मां मालती रॉय ने अपने बेटे के खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उसने पुलिस के दबाव में अपराध स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है. उसने पुलिस के दबाव में अपराध की बात कबूल की थी.
संजय रॉय को उत्तरी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल क़ॉलेज में एक लेडी डॉक्टर से रेप और हत्या में संलिप्तता के मामले में अरेस्ट किया गया था. 31 वर्षीय पीड़िता का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था.
चार पेज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि लेडी डॉक्टर के शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि मृतका की दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा था, चेहरे पर चोट के निशान थे और एक नाखून भी था. पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से ब्लड निकल रहा था. उसके पेट, बाएं पैर, गर्दन, दाहिने हाथ, अनामिका और होठों पर भी चोट के निशान थे.
पुलिस ने संजय रॉय पर BNS की धारा 64 (रेप) और 103 (मर्डर) के तहत आरोप लगाए गए हैं और उसे सियालदह अदालत में पेश किया गया, कोर्ट ने उसे 23 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
इस घटना से शहर के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया है. आरजी कर मेडिकल कॉलेज, नेशनल मेडिकल कॉलेज और मेडिकल कॉलेज, कोलकाता सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकाले. इसी तरह के विरोध प्रदर्शन बर्धमान मेडिकल कॉलेज और बांकुरा सम्मिलानी मेडिकल कॉलेज जैसे जिला अस्पतालों में भी हुए, जिसमें आरोपियों को कड़ी सजा देने और अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई.