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Tale of Two Psychos... महिलाओं के लिए खतरा बने कोलकाता और बरेली के खूंखार साइको किलर्स की दरिंदगी की पूरी कहानी

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बीते नौ अगस्त की सुबह एक ट्रेनी डॉक्टर का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. डॉक्टर की हत्या करने वाले आरोपी संजय रॉय को लेकर लगातार कई खुलासे हुए हैं. आरोपी के बारे में कहा गया कि वह शराब पीने के दौरान पोर्न देखने का आदी था. वह बेधड़क अस्पताल में आता और जाता रहता था. 

बेरली और कोलकाता के साइको किलर्स बेरली और कोलकाता के साइको किलर्स
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 4:17 PM IST

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के आकंड़े किसी से छिपे नहीं है. घरेलू हिंसा से लेकर रेप और हत्या की वारदातें रोजाना सुनने को मिलती है. बीते कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उत्तर प्रदेश के बरेली में इसी तरह के मामले सामने आए. महिलाओं के साथ रेप और उनकी हत्या के इन मामलो में देश को हिलाकर रख दिया. लेकिन इन दोनों मामलों में एक चीज कॉमन रही- साइको किलर.

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कोलकाता में 31 साल की ट्रेनी डॉक्टर की अस्पताल की चारदीवारी के भीतर ही रेप और हत्या को अंजाम देने वाला आरोपी संजय रॉय फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और उसने अपना गुनाह भी कुबूल कर लिया. कोलकाता के इस साइको किलर ने इस वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया लेकिन एक गलती से पकड़ा गया.

8 अगस्त देर रात क्या हुआ था...

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बीते नौ अगस्त की सुबह एक ट्रेनी डॉक्टर का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी संजय रॉय को लेकर लगातार कई खुलासे हुए हैं. आरोपी के बारे में कहा गया कि वह शराब पीने के दौरान पोर्न देखने का आदी था. वह बेधड़क अस्पताल में आता और जाता रहता था. 

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आरोपी आठ अगस्त की रात 11 बजे शराब पीने के लिए अस्पताल के पीछे गया. इस दौरान उसने शराब पीते हुए पोर्न फिल्म देखी. इसके बाद वह देर रात अस्पताल के पिछले दरवाजे से चेस्ट मेडीसिन डिपार्टमेंट में दाखिल हुआ. ट्रेनी डॉक्टर रात दो बजे अपने जूनियर्स के साथ डिनर करने के बाद अस्पताल के सेमिनार हॉल गई थी. सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को भी रात चार बजे सेमिनार हॉल में जाते देखा गया. उसे करीब 4.45 बजे सेमिनार हॉल से बाहर आते देखा गया. 

आरोप है कि आरोपी ने पहले महिला डॉक्टर का रेप और उसकी हत्या की. ट्रेनी डॉक्टर अस्पताल के सेमिनार हॉल में अकेली सो रही थी, विरोध करने पर आरोपी ने उसे गला घोंटकर मार दिया.

पोस्टमार्टम में क्या-क्या कहा गया?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि पीड़िता की दोनों आंखों और मुंह से खून बह रहा था. चेहरे पर चोटें थीं. उसके प्राइवेट पार्ट से भी ब्लीडिंग हो रही थी. उसके पेट, बाएं पैर, गर्दन, दाहिने हाथ, उंगली और होंठ पर भी चोटें थी. 

कैसे पकड़ा गया आरोपी?

पुलिस को शनिवार सुबह इस घटना की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक ब्लूटूथ ईयरबड मिला था, जिसके जरिए वो आरोपी तक पहुंच पाई. दरअसल पुलिस ने कई लोगों से फोन से उस ब्लूटूथ को कनेक्ट करने की कोशिश की, लेकिन वो ब्लूटूथ सिर्फ आरोपी के फोन से कनेक्ट हुआ. इसके बाद आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी एक सिविक वॉलेंटियर है.

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आरोपी का काला चिट्ठा

जांच में सामने आया है कि आरोपी संजय रॉय ने चार शादियां की थीं. वह पोर्न एडिक्ट था. वह शराब पीते हुए पोर्न देखता था और खुद पर काबू नहीं कर पाता था. उसके खराब आचरण की वजह से उसकी तीन पत्नियां उसे छोड़कर चली गई थीं, जबकि चौथी पत्नी की पिछले साल कैंसर से मौत हो गई थी. 

जांच में पुलिस को ऐसे सबूत भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आरोपी ने घटनास्थल से खून के धब्बे धोने की कोशिश की थी. वह इस घटना को अंजाम देने के बाद घर चला गया था, जहां उसने अपने कपड़े भी धोए थे, जिसे उसने अपराध को अंजाम देते समय पहना था. लेकिन पुलिस ने उसके जूते बरामद कर लिए हैं, जिनमें खून के धब्बे साफ देखे जा सकते हैं. पुलिस उसे जब गिरफ्तार करने गई तो वो पूरी तरह नशे में था. आरोपी विकृत मानसिकता का है, उसका मोबाइल पोर्न वीडियोज से भरा पड़ा है.

बरेली का साइको किलर 

उत्तर प्रदेश के बरेली का सीरियल किलर के कच्चे चिट्ठे से सभी दंग हैं. कुलदीप कुमार गंगवार नाम का यह साइको किलर अधेड़ उम्र की महिलाओं को अकेले देखकर उन्हें प्रपोज करता था और प्रपोजल ठुकराने पर महिला की जान ले लेता था. वह पहले तो गला दबाकर महिला की हत्या कर देता था और फिर साड़ी से गर्दन में गांठ बांध देता था ताकि जिंदा रहने की कोई गुंजाइश ही नहीं रहे. 

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आरोपी ने अपने कुबूलनामे में कहा है कि उसने छह महिलाओं को मौत के घाट उतारा है. वह सुनसान इलाके पर अकेली महेली को देखकर उसे अपना शिकार बनाता था. हमला करने से पहले इस बात को पूरी तरह सुनिश्चित करता था कि किसी ने उसको महिला के पीछे जाते हुए तो नहीं देखा है. अगर महिला का पीछा करते समय रास्ते में कोई भी बच्चा, पुरुष या अन्य महिला उसको मिल जाती थी तब वह उस दिन वारदात को अंजाम नहीं देता था. वो पूरी तरह एक प्रोफेशनल की तरह काम कर रहा था.

आरोपी ने सभी महिलाओं को गन्ने के खेत में ही मारा है. इसकी वजह जानने पर उसने बताया कि गन्ने के खेत के भीतर पांच से दस मीटर जाने पर किसी को कुछ दिखाई नहीं देता इसलिए वह हमेशा गन्ने के खेत में ही इन वारदातों को अंजाम देता था. 

पुलिस ने जब आरोपी के साथ किया क्राइम सीन रिक्रिएट

आरोपी गंगवार पर नौ हत्याओं का आरोप है लेकिन उनसे छह महिलाओं की हत्या की बात कुबूली है. पुलिस आरोपी को लेकर मौका-ए-वारदात पर भी पहुंची थी, जहां एक पुतले की मदद से क्राइम सीन को रिक्रिएट किया गया था. कुलदीप गंगवार ने क्राइम सीन रिक्रिएट के दौरान जिस तरह की हरकतें की थी, उससे सभी लोग दंग थे.

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उम्रदराज महिलाओं से क्यों चिढ़ता था किलर

पुलिस का कहना है कि आरोपी नशे का आदी था. उसकी निजी जिंदगी में भी काफी उथल-पुथल थी. उसकी मां की मौत के बाद सौतेली मां घर में आई, जिसने कथित तौर पर उसे काफी परेशान किया, जिससे वो महिलाओं से चिढ़ने लगा था. उसकी शादीशुदा जिंदगी भी ठीक नहीं रही.

आरोपी गंगवार नवाबगंज थाना इलाके के बाकरगंज गांव का रहने वाला है. उसकी दो बहनें हैं जबकि मां की मौत हो चुकी है. आरोपी के पिता ने उसकी मां के जीवित रहते हुए एक अन्य महिला से शादी की थी. उसके पिता अक्सर दूसरी पत्नी के कहने पर पहली पत्नी को पीटता था. इससे आरोपी के मन में अपनी सौतेली मां को लेकर गुस्सा भरा हुआ था. 

आरोपी की शादी 2014 में हुई थी. वह अपनी पत्नी के साथ भी सामान्य व्यवहार नहीं करता था. और जब उसकी पत्नी इसका विरोध करती थी तो वो पत्नी को भी नहीं छोड़ता था. वो उसके साथ भी मारपीट करता था. उसकी हिंसक प्रवृत्ति के कारण परेशान होकर कुछ साल पहले ही उसकी पत्नी भी छोड़कर चली गई थी. 

सीरियल किलर के पास नहीं था मोबाइल

आरोपी गंगवार मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही आने-जाने के लिए किसी वाहन या साधन का प्रयोग करता था. वह पैदल ही घूमता था और हत्या के बाद निशानी के तौर पर अपने शिकार का सामान ले जाता था. आरोपी ने जिन महिलाओं की हत्या की, उसका कोई न कोई सामान निशानी के तौर पर लेकर जाता था. उसने जब पहली महिला अनीता देवी की हत्या की तो उसका वोटर आईडी कार्ड, लाल रंग की लिपिस्टिक, लाल बिंदी, घटना के समय पहने हुए ब्लाउज का टुकड़ा अपने साथ लेकर गया था. इसी तरह आनंदपुर गांव की महिला प्रेमवती की हत्या के बाद हंसिया लेकर गया था. ऐसे ही कुल्छा गांव की मृतका धानवती का आधार कार्ड, शीशगढ़ पुलिस थाना इलाके के लखीमपुर गांव की मृतका महमूदन का हंसिया और पांचवीं घटना की मृतका से बीड़ी का बंडल, माचिस और 130 रुपये नकद लेकर गया था.

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आरोपी को पकड़ने के लिए बनी थीं 22 टीमें

इस साइको किलर को गिरफ्तार करने के लिए 'ऑपरेशन तलाश' चलाया गया था, जिसमें 22 टीमों का गठन किया गया और 25 किलोमीटर के एरिया में इस ऑपरेशन को चलाया गया. इसके लिए 600 से ज्यादा नए कैमरे इंस्टॉल किए गए और 1500 पुराने सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई. डेढ़ लाख से अधिक मोबाइल का डेटा निकालकर सर्विलांस पर लगाया गया तब कहीं जाकर पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई.

आरोपी जिस तरह अधेड़ उम्र की महिलाओं को निशाना बना रहा था, उससे पुलिस को क्लीयर हो गया था कि ये किसी साइको किलर का ही काम है. जिसे समझने के लिए पुलिस की टीम को मुंबई भेजा गया. आसपास के गांव की वोटर लिस्ट लेकर ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिनकी लाइफ में उथल-पुथल मची हो. उसके बाद पुलिस को स्कैच के बाद मुखबिर से सूचना मिली, जिसके बाद कुलदीप गंगवार को अरेस्ट किया गया.

साइको किलर के दिमाग में क्या चल रहा होता है?

साइको किलर की मानसिकता को समझना आम इंसानों के लिए चुनौतीपूर्ण है. उनके दिमाग में जो विचार और भावनाएं चलती हैं, वे अक्सर जटिल और विरोधाभासी होती हैं. साइकोलॉजी के क्षेत्र में कई वर्षों से इस विषय पर शोध किया जा रहा है ताकि उनकी मानसिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सके.

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साइको किलर की मानसिकता में अक्सर एक बेहद विकृत व्यक्तित्व देखने को मिलता है. इन व्यक्तियों में सहानुभूति और संवेदनशीलता की कमी होती है. अपनी गतिविधियों को जायज ठहराने के लिए कई तरह के बहाने बना सकते हैं. उनके लिए हिंसा और हत्या मात्र एक खेल जैसा हो सकता है, जिसमें उन्हें किसी प्रकार का अपराधबोध नहीं होता.

साइको किलर के दिमाग में नियंत्रण और शक्ति की भावना अधिक होती है. वे अपने शिकारों पर ताकत की चाह रखते हैं. यह मानसिकता उन्हें और भी खतरनाक बना देती है, क्योंकि वे अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिएकिसी भी हद तक जा सकते हैं. कई साइको किलर अपनी असमर्थता या असंतोष को व्यक्त करने का कोई अन्य साधन नहीं पाते हैं. उनकी मानसिक स्थिति उन्हें समाज से अलग महसूस कराती है, और वे अपने भीतर की भावनाओं को व्यक्त करने का एकमात्र तरीका हिंसा पाते हैं.

कई मामलों में देखा गया है कि साइको किलर अपने अतीत में भारी मानसिक या शारीरिक पीड़ा से गुजरे होते हैं. उनका मानसिक विकास सामान्य नहीं होता और यही उन्हें एक विकृत मार्ग पर ले जाता है.

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