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'कुकी उग्रवादियों ने गांव पर ड्रोन से बरसाए बम', मणिपुर की ताजा हिंसा में सबसे चौंकाने वाला ट्रेंड

कोत्रुक गांव के पंचायत अध्यक्ष के अनुसार, सशस्त्र आतंकवादियों ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे गोलीबारी शुरू की. उस समय गांव के वॉलेंटियर संवेदनशील इलाकों में नहीं थे. उग्रवादियों की भारी गोलाबारी से कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जब गोलीबारी और बमबारी शुरू हुई तो ग्रामीण अपने घरों में थे.

मणिपुर में ताजा हिंसा में कुकी उग्रवादियों ने ड्रोन से बम बरसाए हैं. मणिपुर में ताजा हिंसा में कुकी उग्रवादियों ने ड्रोन से बम बरसाए हैं.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

मणिपुर फिर हिंसा और गोलीबारी से दहल गया है. इस बार कुकी उग्रवादियों ने गांव पर ड्रोन से बम बरसाए हैं. ताजा हिंसा में यह सबसे चौंकाने वाला ट्रेंड माना जा रहा है. उग्रवादियों ने पहाड़ी की चोटी से निचले इलाके कोत्रुक और कडांगबांड घाटी को निशाना बनाया और पहले अंधाधुंध गोलीबारी की, उसके बाद ड्रोन से जबरदस्त बम बरसाए. अचानक हुए हमले से गांव में दहशत फैल गई और लोग खुद की जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशते देखे गए. हमले में दो लोगों की मौत हो गई. दो सुरक्षाकर्मियों समेत 9 अन्य घायल हो गए.

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कोत्रुक गांव के पंचायत अध्यक्ष के अनुसार, सशस्त्र आतंकवादियों ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे गोलीबारी शुरू की. उस समय गांव के वॉलेंटियर संवेदनशील इलाकों में नहीं थे. उग्रवादियों की भारी गोलाबारी से कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जब गोलीबारी और बमबारी शुरू हुई तो ग्रामीण अपने घरों में थे. स्थानीय निवासी लीशांगथम रोनी ने कहा, यह हमला गांव के वॉलेंटियर्स को इलाके से वापस बुलाए जाने के ठीक 10 दिन बाद हुआ. राज्य सुरक्षा बलों की सलाह के बाद हमने अपने गांव के वॉलेंटियर्स को हटा लिया था. हममें एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसकी बेटी घायल हो गई.

घटना से गांव वालों में गुस्सा!

कोत्रुक गांव के लोगों ने घटना को लेकर निराशा जाहिर की है. उनका कहना है कि राज्य सरकार द्वारा शांति बहाल करने को लेकर कई बार आश्वासन दिया गया, उसके बावजूद हम लोग सुरक्षित नहीं हैं. स्थानीय महिला निगरानी समूह की सदस्य निंगथौजम टोमालेई ने कहा, राज्य सरकार बार-बार दावा करती है कि शांति बहाल हो गई है, लेकिन हम अभी भी हमलों के डर में जी रहे हैं. हम वाकई कब सुरक्षित होंगे?

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इम्फाल पश्चिम जिले में कर्फ्यू

मणिपुर गृह विभाग ने इसे आतंक का जघन्य कृत्य बताया है जो राज्य की शांति के लिए खतरा है. इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने इम्फाल पश्चिम जिले में कर्फ्यू लगा दिया है. मणिपुर सरकार ने हमले की निंदा की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

ड्रोन, बम और अत्याधुनिक हथियारों से किया हमला

मणिपुर गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान कहा गया है, राज्य सरकार को जानकारी मिली है कि कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने घटना को अंजाम दिया है. निहत्थे कौत्रुक इलाके के ग्रामीणों पर ड्रोन, बम और कई अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया गया है, जिसमें एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. निहत्थे ग्रामीणों को आतंकित करने की ऐसी हरकत को राज्य सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है. सरकार राज्य में सामान्य स्थिति और शांति लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.

एन बीरेन सिंह सरकार ने आगे कहा, स्थिति को नियंत्रित करने और इम्फाल पश्चिम के कोटरुक गांव पर हमले में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है.

कुकी उग्रवादियों ने हाई टेक ड्रोन से किया हमला

इस हमले को लेकर मणिपुर पुलिस ने जो जानकारी दी, वो बेहद चौंकाने वाली है. पुलिस ने दावा किया है कि कुकी उग्रवादियों ने हाई टेक ड्रोन का इस्तेमाल किया. ऐसे ड्रोन सिर्फ युद्धों में इस्तेमाल किए जाते हैं. हमलावर भी सामान्य नहीं कहे जा सकते हैं. इन ड्रोन से हमला करने के लिए उच्च प्रशिक्षित और तकनीक विशेषज्ञ होना जरूरी है. यानी इस पूरे घटनाक्रम में बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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पुलिस ने बताया, कितना घातक था हमला?

मणिपुर पुलिस ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, इम्फाल पश्चिम के कोत्रुक इलाके में हमला हुआ है. कथित कुकी आतंकवादियों ने हाई टेक ड्रोन के उपयोग से कई RPG (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) लगाए थे. जबकि इन ड्रोन बमों का इस्तेमाल आमतौर पर युद्धों में किया जाता रहा है. सुरक्षा बलों और नागरिकों के खिलाफ विस्फोटक लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत दे रहा है. इस घटना में तकनीकी विशेषज्ञ और उच्च प्रशिक्षित पेशेवरों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है. अधिकारी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. पुलिस किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. पुलिस ने आम जनता से संयम बनाए रखने की अपील की है.

हमले में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें स्थानीय नागरिक नगांगबाम सुरबाला (31 साल) की गोली लगने के कारण जान गई है. जबकि उसकी 8 साल की बेटी के हाथ में चोट आई है. एक महिला की पहचान होना बाकी है. घटना में 2 पुलिस कर्मियों को भी चोटें आईं. कुल 9 लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने बताया कि जो 9 लोग घायल हुए हैं, उनमें से 5 को गोली लगी है. वहीं, बाकियों को बम धमाके में चोटें आईं.

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मणिपुर के डीजीपी ने आधिकारिक आदेश में कहा है, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों के बीच उचित समन्वय किया जाए और संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जाए. डीजीपी ने सभी एसपी को सभी सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है.

मणिपुर में 3 मई, 2023 को पहली बार हिंसा हुई थी. यहां कुकी और मैतेई समुदाय के बीच आरक्षण को लेकर विवाद चल रहा है. हिंसा में अब तक 226 लोगों की मौत हो चुकी हैं. 1100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. 65 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं. मणिपुर में मैतेई आबादी लगभग 53 प्रतिशत है, जो मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है. जबकि नागा और कुकी समेत आदिवासी समुदाय लगभग 40 प्रतिशत हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं.

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