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Kuno National Park: बार-बार सरहद लांघने की हरकत ले डूबी, खत्म हुई आवारा 'ओबान' की आजादी

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के बड़े बाड़े से निकलकर चीता पवन (पहले ओबान) उत्तरप्रदेश के बॉर्डर तक जा पहुंचा था. उसे 2 बार रेस्क्यू कर वापस लाना पड़ा. ऐसे में अब वन विभाग को उसे एक बार फिर बड़े बाडे में कैद करने को मजबूर होना पड़ा है.

ओबान को यूपी बॉर्डर से ट्रेंकुलाइज कर कूनो पार्क लाना पड़ा था. (फाइल फोटो) ओबान को यूपी बॉर्डर से ट्रेंकुलाइज कर कूनो पार्क लाना पड़ा था. (फाइल फोटो)
खेमराज दुबे
  • श्योपुर ,
  • 25 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

MP News: श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाकर बसाए गए चीते पवन (पहले ओबान) की बार-बार पार्क की सीमा पार कर भागने की हरकतों ने अब उसकी आजादी छीन ली है. दरअसल पिछले माह कूनो के बड़े बाड़े से निकलकर पवन(ओबान) पार्क की सीमा से दूर गांवों से लेकर उत्तरप्रदेश के बॉर्डर तक जा पहुंचा था. उसे 2 बार रेस्क्यू कर वापस लाना पड़ा. ऐसे में अब वन विभाग को उसे एक बार फिर बड़े बाडे में कैद करने को मजबूर होना पड़ा है.

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दरअसल, नामीबिया से पिछले साल 17 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क लाया गया चीता ओबान (अब भारतीय नाम पवन) को पार्क के क्वारन्टीन बाड़े से बड़े बाड़े, और फिर 11 मार्च को खुले जंगल में आजाद किया गया. जहां उसने दूसरे चीतों से पहले अपनी चुस्ती-फुर्ती और नेचुरल तरीके से शिकार कर यहां के माहौल को अपना लिया था.

लेकिन कुछ दिनों बाद ही वह पार्क छोड़ कर बाहर भागने लगा. कभी वो गांव में घुसता तो कभी दूसरे राज्य की सीमा में. उस पर निगरानी रख रही टीम ने तय किया कि अब इसे खुला नहीं छोड़ना है. इसलिए उसे यूपी के झांसी की सीमा से ट्रैंकुलाइज कर वापस कूनो के बड़े बाड़े में कैद कर दिया गया है. इस बार यहां उसके साथ दो अफ्रीकी मादा चीता भी रहेंगी. 

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कूनो के खुले जंगल से निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच रहा था ओबान. (रेस्क्यू का फोटो)

कूनो नेशनल पार्क के सीसीएएफ उत्तम कुमार शर्मा ने Aajtak को फोन कॉल पर बताया, चीता पवन कूनो के खुले जंगल से बाहर भाग रहा था. उसे ट्रेंकुलाइज कर वापस कूनो पार्क लाया गया. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय लेने के बाद पार्क के बड़े बाड़े में रखा गया है.

यहां बता दें कि चीता प्रोजेक्ट के तहत नामीबिया से 8 और साउथ अफ्रीका से 18 चीते कूनो पार्क लाकर बसाए गए हैं. चीतों को चरणबद्ध तरीके से पहले क्वारन्टीन बाड़े से बड़े बाड़े और फिर खुले जंगल में रिलीज किया जा रहा है. अब तक 4 नामीबियाई चीते खुले जंगल मे छोड़े गए थे जिनमें से एक पवन(ओबान) वापस बड़े बाडे में कैद कर दिया गया है. खुले जंगल तीन चीते हैं. इनमें दो नर और एक मादा है. 

ये भी पढ़ें:- यूपी में घुसने से पहले चीता पवन को वन विभाग ने किया रेस्क्यू, कूनो के जंगल में छोड़ा

वहीं, साउथ अफ्रीका से लाए गए सभी चीते भी बड़े बाड़े में रिलीज कर दिए गए हैं. एक नामीबियाई मादा चीता साशा की गत 26 मार्च और रविवार को ही दक्षिण अफ्रीकी नर चीते उदय की मौत हो चुकी है. इसी बीच पिछले दिनों एक नामीबियाई मादा ने 4 शावकों को जन्म भी दिया था. 

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